तकनीक

उपग्रह सेवाओं में भारत की बड़ी छलांग

135 उपग्रह प्रक्षेपित, 56 सक्रिय

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क। राज्यसभा में लिखित उत्तर देते हुए कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन तथा प्रधानमंत्री कार्यालय के राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि भारत ने अब तक कुल 135 उपग्रह प्रक्षेपित किए हैं, जिनमें से 56 वर्तमान में परिचालन में हैं। पृथ्वी अवलोकन श्रेणी में 50 में से 21, संचार में 43 में से 20, मार्गदर्शन (नेविगेशन) में 11 में से 8, अंतरिक्ष विज्ञान मिशनों में 7 में से 4 तथा प्रौद्योगिकी प्रदर्शन के 24 में से 3 उपग्रह सक्रिय हैं।

🌊 आपदा प्रबंधन और डिजिटल कनेक्टिविटी में मजबूती

नेविगेशन प्रणाली Indian Space Research Organisation (इसरो) द्वारा विकसित ‘नेविक’ (Navigation with Indian Constellation) का उपयोग तेजी से बढ़ा है। 10,400 से अधिक इंजनों में रियल-टाइम ट्रेन ट्रैकिंग संभव हुई है, जबकि 40,000 से ज्यादा मछली पकड़ने वाली नौकाओं में नेविक रिसीवर लगाए गए हैं। 60 से अधिक मोबाइल हैंडसेट मॉडल अब नेविक पोजिशनिंग सपोर्ट देते हैं। इस नेटवर्क को मजबूत करने के लिए एनवीएस-03, एनवीएस-04 और एनवीएस-05 दूसरी पीढ़ी के उपग्रह लॉन्च प्रक्रिया में हैं।

आपदा प्रबंधन में जीसैट और नेविक/गगन प्रणालियां चेतावनी और आपात संपर्क उपलब्ध कराती हैं। COSPAS-SARSAT कार्यक्रम के तहत खोज एवं बचाव अभियानों में तीन उपग्रहों की मदद से कई जिंदगियां बचाई गई हैं। Indian National Centre for Ocean Information Services (आईएनसीओआईएस) के समन्वय से नेविक की एकतरफा संदेश सेवा चक्रवात, सुनामी और ऊंची लहरों की चेतावनी सीधे नावों तक पहुंचाती है।

संचार उपग्रह टीवी प्रसारण, डीटीएच, दूरसंचार, वीसेट, डीएसएनजी, इन-फ्लाइट व मैरीटाइम कनेक्टिविटी और टेली-शिक्षा व टेली-मेडिसिन जैसी सामाजिक सेवाओं में अहम भूमिका निभा रहे हैं। डिजिटल इंडिया और भारतनेट जैसे कार्यक्रम सैटेलाइट इंटरनेट के जरिए दूरदराज क्षेत्रों में डिजिटल विभाजन को कम करने की दिशा में काम कर रहे हैं।

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