एमिटी में वैश्विक मंथन: वैज्ञानिकों के नवाचार से मजबूत होगी खाद्य सुरक्षा की नींव


निश्चय टाइम्स न्यूज नेटवर्क
Lucknow स्थित Amity University Lucknow Campus में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री Keshav Prasad Maurya ने कहा कि वैज्ञानिकों के शोध और नवाचार से खाद्य सुरक्षा की पूरी श्रृंखला सशक्त होगी और यही आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत का मार्ग प्रशस्त करेगा।
उन्होंने “Pathogens, Plant Health and Food Security” विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेते हुए दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने इसी विषय पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया और देशभर से आए प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड देकर सम्मानित किया।

अपने संबोधन में श्री मौर्य ने कहा कि कृषि केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि भंडारण, कोल्ड चेन, प्रोसेसिंग, गुणवत्ता और विपणन जैसे कई आयामों से जुड़ा व्यापक क्षेत्र है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैल्यू एडिशन और आधुनिक तकनीकों के समन्वय से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।
उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश देश की सबसे उपजाऊ भूमि वाला प्रदेश है, लेकिन भंडारण और प्रसंस्करण की कमी के कारण किसानों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता। इस दिशा में वैज्ञानिकों और नीति-निर्माताओं को मिलकर काम करने की जरूरत है।

सम्मेलन में Indian Society of Mycology and Plant Pathology और एमिटी फूड एंड एग्रीकल्चर फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में देश-विदेश के वैज्ञानिक, शोधकर्ता, नीति-निर्माता और शिक्षाविद एक मंच पर जुटे हैं। इसमें जलवायु परिवर्तन, पादप रोग, सतत कृषि और खाद्य सुरक्षा जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया जा रहा है।
विशेषज्ञों ने ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जीनोमिक्स और पारिस्थितिक दृष्टिकोण को कृषि के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए टिकाऊ और जलवायु-लचीली खेती अपनाने पर जोर दिया।

कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने विश्वास जताया कि यह सम्मेलन कृषि और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों के समाधान में मील का पत्थर साबित होगा।




