नॉर्वे से आए साहित्यकार डॉ. शरद आलोक के व्याख्यान से पुनर्वास विवि के हिंदी विभाग में नए सत्र की शुरुआत

- अंतरराष्ट्रीय व्याख्यान से एमए हिन्दी के दूसरे व चौथे सेमेस्टर का शुभारंभ
निश्चयट टाइम्स डेस्क। डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में नॉर्वे से आए भारतीय नॉर्वेजियन सूचना एवं सांस्कृतिक फोरम के अध्यक्ष डॉ. सुरेश चंद्र शुक्ल ‘शरद आलोक’ के अंतरराष्ट्रीय व्याख्यान से हिन्दी एवं अन्य भारतीय भाषा विभाग में संचालित एमए पाठ्यक्रम के द्वितीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर की शुरुआत हुई। इस दौरान शैक्षणिक गतिविधियों को मिलकर आगे बढ़ाने पर भी चर्चा की गई।
कार्यक्रम की शुरुआत में हिन्दी विभागाध्यक्ष प्रो. यशवंत वीरोदय ने मुख्य अतिथि का परिचय कराते हुए विश्वविद्यालय की उपलब्धियाँ गिनाईं। उन्होंने विश्वविद्यालय में स्थापित ब्रेल पुस्तकालय के बारे में जानकारी दी।विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय में आयोजित व्याख्यान में मुख्य अतिथि भारतीय नॉर्वेजियन सूचना एवं सांस्कृतिक फोरम के अध्यक्ष डॉ. सुरेश चंद्र शुक्ल ‘शरद आलोक’ ने दिव्यांगों के साथ-साथ सामान्य विद्यार्थियों से भी ब्रेल लिपि एवं सांकेतिक भाषा सीखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आप यहाँ एक चीज सीखने आए हैं, तो चार सीखकर जाइए, क्योंकि हम हों न हों, हमारा ज्ञान हमेशा रहेगा। उन्होंने कहा कि आज कम हैं, कल ज्यादा होंगे, कमर बांधकर निकलेंगे तो हम ही होंगे।
उन्होंने अपनी रचनाएँ ‘ओ कमल नयन पुलकित तन सा’, ‘पूनम का चाँद लजाती हो..’, आदि गीत सुनाकर श्रोताओं से खूब तालियाँ बटोरीं।
नॉर्वे के साथ मिलकर पुनर्वास विवि करेगा कार्य
व्याख्यान के दौरान विश्वविद्यालय के डीन एकेडमिक्स प्रो. वी.के. सिंह ने शोध, शैक्षणिक गतिविधियों और संस्कृतियों के आदान-प्रदान के लिए डॉ. सुरेश चंद्र शुक्ल के समक्ष एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) का प्रस्ताव रखा। इस पर डॉ. शरद आलोक ने सहमति जताते हुए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए सौभाग्य की बात होगी।
हिन्दी विभाग की डॉ. सुधा मौर्या ने शुरू हो रहे सत्र की जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार को फागुन के प्रथम दिन एमए हिन्दी के द्वितीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर शैक्षिक सत्र 2026-26 की शुरुआत हो रही है। उन्होंने विद्यार्थियों के जीवन में उत्साह और उल्लास की कामना की। इस अवसर पर डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह समेत कई शिक्षक, विद्यार्थी और कर्मचारी मौजूद रहे।


