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आज है वरुथिनी एकादशी- जानें व्रत का महत्व, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त


भगवान विष्णु की कृपा से मिलती है मोक्ष की प्राप्ति, दूर होते हैं सारे कष्ट

निश्चय टाइम्स, लखनऊ। हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व है, और इसमें भी वरुथिनी एकादशी को अत्यंत पवित्र और मोक्षदायक माना गया है। इस वर्ष यह शुभ तिथि आज, 24 अप्रैल 2025, गुरुवार को पड़ रही है। यह व्रत वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को रखा जाता है और शास्त्रों के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना से समस्त पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

 वरुथिनी एकादशी का महत्व

पद्म पुराण के अनुसार, वरुथिनी एकादशी का व्रत करने से मनुष्य को स्वर्णदान, कन्यादान और हजारों वर्षों की तपस्या के बराबर पुण्य प्राप्त होता है। यह व्रत दरिद्रता, रोग और कष्टों को दूर करता है तथा भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। ऐसी मान्यता है कि यह व्रत व्यक्ति को जन्म-मरण के बंधन से मुक्त कर मोक्ष प्रदान करता है।

 पूजा विधि

  • व्रती को ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना चाहिए।

  • स्वच्छ वस्त्र धारण कर व्रत का संकल्प लें।

  • एक चौकी पर भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।

  • गंगाजल से शुद्धिकरण करें, फिर पंचामृत से अभिषेक करें।

  • पूजा में चंदन, अक्षत, रोली, फूल, तुलसी दल आदि अर्पित करें।

  • विष्णु सहस्रनाम, नारायण कवच या भगवद्गीता का पाठ करें।

  • दीपक जलाकर आरती करें और रात्रि में जागरण करें।

  • अगले दिन ब्राह्मण भोजन और दान के बाद पारण करें।

शुभ योग व मुहूर्त

  • एकादशी तिथि प्रारंभ: 23 अप्रैल, शाम 4:43 बजे

  • एकादशी तिथि समाप्त: 24 अप्रैल, दोपहर 2:32 बजे

  • व्रत तिथि: 24 अप्रैल 2025 (उदया तिथि के अनुसार)

  • पारण का समय: 25 अप्रैल, सुबह 5:52 से 8:27 बजे तक

  • पूजा मुहूर्त: सुबह 4:20 बजे से दोपहर 3:56 बजे तक

वरुथिनी एकादशी का यह पावन अवसर आत्मिक शुद्धि, ईश्वर भक्ति और लोककल्याण की भावना को पुष्ट करता है। इस दिन पूरे श्रद्धा और भक्ति से व्रत रखने पर भगवान विष्णु की असीम कृपा प्राप्त होती है।

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