1.91 लाख करोड़ की PLI योजना ने बदली भारत की औद्योगिक तस्वीर
14 अहम क्षेत्रों में निवेश, निर्यात और रोजगार में ऐतिहासिक उछाल

निश्चय टाइम्स न्यूज डेस्क भारत सरकार की महत्वाकांक्षी उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (PLI) योजना देश के विनिर्माण क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव का प्रतीक बनकर उभरी है। 1.91 लाख करोड़ रुपये के परिव्यय वाली इस योजना ने 14 महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मजबूत उद्योग भागीदारी सुनिश्चित करते हुए निवेश, उत्पादन, निर्यात और रोजगार सृजन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है।
31 दिसंबर 2025 तक 836 आवेदनों को स्वीकृति दी जा चुकी है। योजना के तहत 2.16 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ है, जबकि कुल उत्पादन/बिक्री 20.41 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच चुकी है। निर्यात 8.3 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा है और प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से 14.39 लाख से ज्यादा रोजगार सृजित हुए हैं। अब तक 28,748 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की जा चुकी है।
इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में भारत मोबाइल फोन और आईटी हार्डवेयर का प्रमुख वैश्विक केंद्र बनकर उभरा है। मोबाइल आयात में 77% की गिरावट आई है और घरेलू मांग का 99% हिस्सा अब देश में ही निर्मित हो रहा है।
फार्मास्युटिकल्स क्षेत्र में 191 थोक दवाओं का पहली बार स्वदेशी उत्पादन संभव हुआ, जिससे आयात पर निर्भरता घटी है। ऑटोमोबाइल क्षेत्र में ई- मोबिलिटी और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी को नई गति मिली है।
दूरसंचार क्षेत्र में बिक्री छह गुना बढ़ी है और बीएसएनएल द्वारा स्वदेशी 4G तकनीक का कार्यान्वयन भारत की बड़ी उपलब्धि है। खाद्य प्रसंस्करण, घरेलू उपकरण, वस्त्र और सौर ऊर्जा क्षेत्रों में भी स्थानीयकरण और निवेश में तेज वृद्धि दर्ज की गई है।
2020 में शुरू की गई PLI योजना ने परिणाम-आधारित प्रोत्साहन मॉडल अपनाकर पारदर्शिता और दक्षता को बढ़ावा दिया है। यह योजना भारत को वैश्विक विनिर्माण शक्ति बनाने की दिशा में एक मजबूत नीति उपकरण साबित हो रही है।



