पुलिस ने मशहूर काॅमेडियन सुनील पाल के अपहरणकर्ताओं तक पहुंचने में सफलता प्राप्त की है, और मामले में कई बड़े खुलासे हो रहे हैं। एक वायरल ऑडियो क्लिप और बिजनौर से जुड़े सुराग पुलिस की जांच में सामने आए हैं। अपहरणकर्ताओं की घेराबंदी के लिए मेरठ पुलिस ने 10 विशेष टीमें गठित की हैं।
अपहरणकर्ताओं की घेराबंदी में जुटी 10 टीमें
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा के निर्देशन में 10 टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं। हालांकि, पुलिस को अब तक आरोपियों का पता नहीं चल सका है, लेकिन उनका कहना है कि बदमाशों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
कार चालक की हिरासत और अपहरण से जुड़ी जानकारी
सुनील पाल को दिल्ली से हरिद्वार जाते वक्त अपहृत किया गया था, और उन्हें मेरठ में 24 घंटे तक बंधक बनाकर आठ लाख रुपये की फिरौती वसूली गई थी। पुलिस ने कार चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की, जिसने मामले में महत्वपूर्ण जानकारी दी। जांच में यह भी पता चला कि आरोपी बिजनौर के रहने वाले थे और फिरौती से खरीदी गई आभूषणों के संबंध में पुलिस ने और जांच की।
आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने किए कई प्रयास
पुलिस ने आरोपियों के बारे में ठोस सुराग जुटाने के लिए कई कदम उठाए। उन्होंने सराफ की दुकान के सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिसमें आरोपियों के चेहरे साफ दिखाई दे रहे थे। इन फुटेज को आसपास के जिलों और थानों में भेजा गया। इसके अलावा, दिल्ली से मेरठ आने वाले रास्तों पर तैनात पुलिसकर्मियों और गश्ती वाहनों की भी जानकारी ली गई।
अपहरण और फिरौती वसूली की पूरी घटना
सुनील पाल के अनुसार, उन्हें 2 दिसंबर को एक व्यक्ति ने बर्थडे पार्टी के लिए आमंत्रित किया था और दिल्ली से हरिद्वार तक ले जाने का वादा किया था। दिल्ली से हरिद्वार जाते वक्त अपहरणकर्ताओं ने उन्हें रास्ते में अपहरण कर लिया और आंखों पर काली पट्टी बांधकर उन्हें एक घर में ले गए। यहां उन्हें धमकी दी गई और आठ लाख रुपये की फिरौती वसूलने के बाद, आरोपी उन्हें मेरठ की सड़क पर छोड़कर भाग गए।
आगे की कार्रवाई
मुंबई की सांताक्रूज पुलिस ने सुनील पाल की पत्नी की शिकायत पर मामला दर्ज किया था, जिसे बाद में मेरठ के लालकुर्ती थाना को ट्रांसफर किया गया है। पुलिस अब अपहरणकर्ताओं की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
इस मामले में पुलिस की सक्रियता से आरोपियों के पकड़े जाने की उम्मीद है और पूरे मामले की जांच जारी है।
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