
इंजीनियर अतुल सुभाष आत्महत्या मामले में बेंगलुरु पुलिस ने उनकी पत्नी निकिता सिंघानिया, सास निशा सिंघानिया, और चाचा सुशील सिंघानिया को गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने सभी आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
नोटिस चिपकाकर दी थी चेतावनी
गिरफ्तारी से पहले बेंगलुरु पुलिस ने जौनपुर स्थित आरोपियों के घर पर नोटिस चिपकाया था। नोटिस में निकिता, उनकी मां निशा, भाई अनुराग, और चाचा सुशील को तीन दिनों के भीतर पूछताछ के लिए पुलिस के सामने पेश होने का आदेश दिया गया था। इसके बावजूद वे पेश नहीं हुए, जिसके बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।
24 पन्नों का सुसाइड नोट और 81 मिनट का वीडियो
अतुल सुभाष ने आत्महत्या से पहले 24 पन्नों का सुसाइड नोट और 81 मिनट का वीडियो रिकॉर्ड किया था। इसमें उन्होंने अपनी पत्नी और ससुराल वालों पर उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया। हालांकि, निकिता की मां निशा सिंघानिया ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अतुल ने अपनी कुंठा व्यक्त करने के लिए उनके परिवार पर झूठे आरोप लगाए।
पुलिस जांच में जुटी
बेंगलुरु पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। इस दौरान, एक महिला पुलिसकर्मी सहित चार सदस्यों की टीम उत्तर प्रदेश के जौनपुर पहुंची और आरोपियों के निवास पर कानूनी कार्रवाई शुरू की।
भाई ने की न्याय की मांग
अतुल सुभाष के भाई विकास कुमार ने मीडिया से कहा,
“मैं चाहता हूं कि मेरे भाई को इंसाफ मिले। देश में ऐसी न्यायिक व्यवस्था होनी चाहिए जो पुरुषों को भी न्याय दिला सके। मैं उन सभी के खिलाफ कार्रवाई चाहता हूं जो भ्रष्टाचार कर रहे हैं। अगर भ्रष्टाचार जारी रहा, तो न्याय पाना नामुमकिन हो जाएगा।
अतुल सुभाष ने घरेलू विवाद और उत्पीड़न से परेशान होकर आत्महत्या कर ली थी। उनका यह मामला समाज में घरेलू उत्पीड़न और न्यायिक प्रणाली में सुधार की आवश्यकता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
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