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यूपी विधानसभा घेराव: कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी, लखनऊ में सख्त सुरक्षा प्रबंध

कांग्रेस पार्टी द्वारा यूपी विधानसभा का घेराव करने की घोषणा के बाद लखनऊ में माहौल गर्मा गया है। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और नेताओं के जुटने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। कांग्रेस कार्यालय के बाहर रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की तैनाती कर दी गई है, और कई नेताओं को नजरबंद या गिरफ्तार किया गया है।
नेताओं की नजरबंदी और गिरफ्तारी
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय सहित कई वरिष्ठ नेताओं को नोटिस जारी किया गया है। अजय राय ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, “कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए नुकीली बैरिकेडिंग की गई है। यह कार्यकर्ताओं को चोट पहुंचाने की साजिश है। भाजपा सरकार दमनकारी रवैया अपनाकर हमें रोकना चाहती है, लेकिन हम विधानसभा घेराव करेंगे।”

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गिरफ्तारी और नजरबंदी: कांग्रेस के प्रदेश महासचिव अनिल यादव, दिनेश सिंह, और महिला कांग्रेस की मध्य जोन अध्यक्ष ममता चौधरी को गिरफ्तार किया गया।
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नोटिस और छापेमारी: कई नेताओं के घरों पर पुलिस ने छापा मारा और नोटिस चस्पा कर दी। अंशू अवस्थी और शैलेंद्र तिवारी जैसे नेताओं को पुलिस तलाश रही है।
बैरिकेडिंग और मार्ग अवरुद्ध
कांग्रेस कार्यालय की ओर जाने वाली सड़कों को बंद कर दिया गया है। लालबत्ती चौराहे से लोहिया पथ तक यातायात धीमा हो गया। वहीं, हाईवे पर नाकेबंदी से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
अजय राय का बयान
अजय राय ने कहा, “जैसे मोदी सरकार ने किसानों के लिए कांटों की दीवार खड़ी की थी, वैसे ही योगी सरकार ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के रास्ते में कांटे बिछा दिए हैं। लेकिन हमारे हौसले मजबूत हैं। हम इन बाधाओं को पार करेंगे और विधानसभा का घेराव करेंगे।”

जिलों में भी सक्रिय पुलिस कार्रवाई
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बाराबंकी: कांग्रेस जिला अध्यक्ष मो. मोहसिन समेत कई नेताओं को गिरफ्तार किया गया।
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रायबरेली: कांग्रेस नेताओं को घरों में नजरबंद किया गया।
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शहर: कई कार्यकर्ता छिपने को मजबूर हुए।
पुलिस का बयान
पुलिस के अनुसार, “विधानसभा सत्र के दौरान घेराव से कानून व्यवस्था और सुरक्षा पर खतरा हो सकता है। धारा-163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है। किसी भी शांति भंग की स्थिति में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”



