क्या है मामला?
24 नवंबर को कोर्ट के आदेश पर संभल की शाही जामा मस्जिद का सर्वेक्षण किया जा रहा था। इस दौरान हिंसा भड़क गई, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई और दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। घायलों में कई पुलिसकर्मी भी शामिल थे।
पुलिस ने इस घटना के संबंध में ढाई हजार से अधिक लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। सपा सांसद जियाउद्दीन बर्क पर आरोप है कि उन्होंने मस्जिद से भड़काऊ भाषण दिया, जिसके बाद हिंसा भड़की।
सांसद की याचिका
जियाउद्दीन बर्क ने याचिका में खुद को पढ़ा-लिखा और जिम्मेदार सांसद बताते हुए कहा है कि पुलिस कभी भी उन्हें गिरफ्तार कर सकती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे निराधार हैं और उन्हें रद्द किया जाना चाहिए।
पुलिस का रुख
पुलिस ने दंगों से संबंधित सबूत जुटाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी।
घटना का प्रभाव
संभल की यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। मस्जिद का सर्वेक्षण पहले से ही संवेदनशील मुद्दा था, और हिंसा के बाद राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है।
आगे की कार्रवाई
हाईकोर्ट में सांसद की याचिका पर सुनवाई होने की उम्मीद है। पुलिस अपनी जांच जारी रखे हुए है और सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का दावा कर रही है।
इस मामले पर सियासी माहौल गरमाने की संभावना है, क्योंकि विपक्ष इसे सरकार की कार्रवाई का दुरुपयोग करार दे रहा है।