मुठभेड़ का घटनाक्रम
सोमवार सुबह पीलीभीत के पूरनपुर थाना क्षेत्र में पंजाब और उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक संयुक्त अभियान में खालिस्तान समर्थक तीन आतंकियों को मुठभेड़ में मार गिराया। मारे गए आतंकियों की पहचान गुरविंदर सिंह (25), वरिंदर सिंह उर्फ रवि (23), और जसनप्रीत सिंह उर्फ प्रताप सिंह (18) के रूप में हुई है। ये तीनों पंजाब के गुरदासपुर जिले के निवासी थे और उन पर कलानौर थाने की बख्शीवाल चौकी पर ग्रेनेड से हमला करने का आरोप था।
सूत्रों के अनुसार, जंगी एप के जरिए इन आतंकियों की लोकेशन ट्रेस की गई थी। माधोटांडा मार्ग पर हुई इस मुठभेड़ में आतंकियों को मौके पर ही ढेर कर दिया गया।
आतंकी पन्नू का वीडियो
मुठभेड़ के बाद खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में पन्नू ने 14 जनवरी, 29 जनवरी, और 3 फरवरी की तारीखों को याद रखने की बात कही है। उसने पीलीभीत एनकाउंटर का बदला लेने का दावा किया है। पन्नू ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को अपशब्द कहे और वर्ष 1991 में मारे गए खालिस्तानी आतंकियों को शहीद बताया।
पन्नू ने मारे गए आतंकियों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये देने का भी ऐलान किया है।
पुलिस को धमकीभरा मेल
मुठभेड़ के बाद पीलीभीत पुलिस को भी एक धमकीभरा मेल मिला है। पुलिस ने इस मेल को गंभीरता से लेते हुए रिपोर्ट दर्ज करने और सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
मामले की गंभीरता
पीलीभीत मुठभेड़ से खालिस्तानी आतंकियों के बढ़ते प्रभाव और उनके अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का संकेत मिलता है। पुलिस और प्रशासन इस मामले में सख्त कदम उठा रहे हैं और आने वाले समय में महाकुंभ जैसे बड़े आयोजनों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की योजना बना रहे हैं।
यह घटना भारत में आतंकी खतरों के प्रति सतर्कता और दृढ़ता से निपटने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।