अमेठी: थाना क्षेत्र के आवास विकास कॉलोनी में शनिवार को एक महिला अपने घर के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी पर लटकी हुई पाई गई। महिला के पति ने इस घटना के पीछे एक पुलिस कांस्टेबल पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
घटना का विवरण
पुलिस के अनुसार, आलोक कुमार अग्रहरि की पत्नी दिव्या अग्रहरि का शव अमेठी-सुल्तानपुर मार्ग पर स्थित उनके आवास के दरवाजे की कुंडी से लटका हुआ मिला। पति आलोक ने घटना को संदिग्ध बताते हुए कहा, “इस तरह की कुंडी से लटकना असंभव है। यह आत्महत्या नहीं हो सकती।”
आलोक ने बताया कि तीन महीने पहले उनके बीच हुए विवाद के दौरान डायल 112 पुलिस ने हस्तक्षेप किया था। आरोप है कि घटना के दौरान मौजूद कांस्टेबल रवि शुक्ला ने उनकी पत्नी का फोन नंबर लिया और उसके बाद से लगातार संपर्क में था।
कांस्टेबल पर गंभीर आरोप
आलोक ने दावा किया कि कांस्टेबल रवि शुक्ला न केवल फोन पर संपर्क करता था बल्कि नियमित रूप से उनके घर भी आता था। आलोक ने कहा, “तीन दिन पहले वह मेरी पत्नी का मोबाइल फोन लेने आया था। फोन में उनसे जुड़ी बातचीत और अन्य सामग्री थी, जिसे वह छुपाना चाहता था।”
उन्होंने बताया कि शनिवार की सुबह वह काम पर गए थे और जब दोपहर को लौटे तो दिव्या का शव दरवाजे की कुंडी से लटका हुआ पाया। आलोक का मानना है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है और इसके लिए कांस्टेबल रवि शुक्ला जिम्मेदार है।
पुलिस का बयान
सर्किल ऑफिसर मनोज कुमार मिश्रा ने कहा कि मौत के कारण की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद होगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच जारी है और अगर किसी की जिम्मेदारी पाई जाती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। पुलिस हर पहलू की गहनता से जांच कर रही है और स्थानीय प्रशासन ने भी मामले पर नजर बनाए रखी है।
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