कठोर सजा के तहत आजीवन कारावास
अदालत ने आदिल अहमद पर 40,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया और पोक्सो अधिनियम की धारा 6 (गंभीर यौन उत्पीड़न के लिए सजा) के तहत दोषी ठहराया। विशेष जिला एवं सत्र न्यायाधीश अश्विनी कुमार ने सजा सुनाते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं में अधिकतम सजा दी जानी चाहिए ताकि यह एक निवारक के रूप में काम कर सके।
घटना की गंभीरता
विशेष सरकारी वकील सुनील कुमार परमार ने बताया कि घटना 13 मई 2022 की थी, जब पीड़ितों की उम्र महज साढ़े चार और पांच साल थी। आरोपी ने दोनों लड़कियों को चॉकलेट और बिस्कुट का लालच देकर अपने किराए के घर में ले जाकर बलात्कार किया। स्थानीय लोगों ने बुरी तरह घायल लड़कियों को बचाया और उन्हें सिविल अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया।
पीड़ितों को मुआवजा और न्याय
अदालत ने आदेश दिया कि पीड़ितों को हरियाणा पीड़ित मुआवजा योजना के तहत मुआवजा दिया जाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के वकील की नरमी की अपील को अदालत ने अस्वीकार कर दिया। फोरेंसिक जांच से यह साबित हो गया था कि आरोपी ही अपराधी था, क्योंकि उसके कपड़ों पर खून के धब्बे थे जो दोनों पीड़ितों से मेल खाते थे।