मिल्कीपुर उपचुनाव में ब्राह्मण वोटरों को साधने और पार्टी के भीतर उपजे मतभेद को खत्म करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अहम पहल की है। भाजपा प्रत्याशी चंद्रभानु पासवान की घोषणा के बाद उपजी नाराजगी को दूर करने के लिए सीएम ने लखनऊ स्थित अपने आवास पर गोसाईगंज के पूर्व विधायक इंद्र प्रताप तिवारी ‘खब्बू’, गोरखनाथ बाबा, और रामू प्रियदर्शी से मुलाकात की।
ब्राह्मण वोटरों की अहमियत
मिल्कीपुर में लगभग 75,000 ब्राह्मण वोटर हैं, जो चुनाव परिणाम को काफी हद तक प्रभावित कर सकते हैं। प्रत्याशी चयन के बाद क्षेत्र में लगाए गए प्रचार सामग्री में पूर्व विधायक खब्बू तिवारी की तस्वीर न होने से ब्राह्मण समाज में नाराजगी फैल गई थी। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने खब्बू तिवारी को ब्राह्मण वोटरों को पार्टी के पक्ष में लाने की जिम्मेदारी सौंपी।
नाराज नेताओं को मनाने की कवायद
सीएम योगी ने पूर्व विधायक रामू प्रियदर्शी और गोरखनाथ बाबा को भी अलग-अलग बुलाकर उनसे संवाद किया। उन्होंने दोनों नेताओं से कहा कि सभी गिले-शिकवे भुलाकर उपचुनाव में पार्टी की जीत सुनिश्चित करें। रामू प्रियदर्शी से एससी-एसटी आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत की मौजूदगी में मुलाकात हुई, जबकि खब्बू तिवारी और गोरखनाथ बाबा से शाम को संवाद हुआ।
भाजपा की रणनीति
मुख्यमंत्री ने खब्बू तिवारी को कटेहरी उपचुनाव में किए गए उनके प्रयासों की सराहना करते हुए मिल्कीपुर में भी ऐसी ही भूमिका निभाने का निर्देश दिया। गोरखनाथ बाबा ने भी सीएम को भरोसा दिलाया कि वे पूरे मनोयोग से चुनाव अभियान में जुटेंगे।
सीएम की इस पहल से पार्टी में एकजुटता आने की उम्मीद है, जो उपचुनाव में भाजपा की जीत का मार्ग प्रशस्त कर सकती है।
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