हत्या का मामला जबरन वसूली से जुड़ा हुआ है, जिसमें बीड जिले में पवन चक्की स्थापित करने वाली एक कंपनी से दो करोड़ रुपये की वसूली की जा रही थी। जब संतोष देशमुख ने इसका विरोध किया, तो 9 दिसंबर को उनका अपहरण कर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद, चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें मुंडे के करीबी सहयोगी वाल्मीक कराड भी शामिल हैं।
मुंडे ने इस आरोप को राजनीतिक षड्यंत्र बताते हुए कहा कि यह पूरी घटना समुदाय विशेष को निशाना बनाने की कोशिश हो सकती है, क्योंकि आरोपी वंजारी समुदाय से हैं, जबकि मृतक मराठा समुदाय से थे। उन्होंने यह भी कहा कि वे इस मामले के दोषियों को फांसी की सजा चाहते हैं।
इसके अलावा, मुंडे ने उपमुख्यमंत्री अजित पवार के समर्थन का आभार व्यक्त किया और कहा कि वे हमेशा सच्चे थे, हालांकि उन्हें एनसीपी में रहते हुए कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।