उत्तर प्रदेश

विद्युत सखियों की पहचान: सशक्त नारी, काम महान

उत्तर प्रदेश में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विद्युत सखी कार्यक्रम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस योजना के तहत विद्युत सखियां न सिर्फ बिजली बिल कलेक्शन कर रही हैं, बल्कि अपने परिवार को आर्थिक रूप से सशक्त भी बना रही हैं।

1,600 करोड़ रुपये का अब तक कलेक्शन
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत, 13,088 सक्रिय विद्युत सखियों ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक 840 करोड़ रुपये का बिजली बिल कलेक्शन किया है। यह आंकड़ा मार्च 2025 तक 1,000 करोड़ रुपये पार कर सकता है। 2020 से अब तक विद्युत सखियों द्वारा 1,600 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व संग्रह किया जा चुका है।

438 विद्युत सखियां बनीं ‘लखपति दीदी’
इस वर्ष 438 विद्युत सखियां ‘लखपति दीदी’ बनने में सफल हुई हैं। अब तक 10.5 करोड़ रुपये कमीशन के रूप में वितरित किए जा चुके हैं।

31,000 विद्युत सखियों का लक्ष्य
यूपीएसआरएलएम ने 13,500 से अधिक नई विद्युत सखियों को प्रशिक्षित किया है, जिससे जल्द ही 31,000 विद्युत सखियों का कार्यबल तैयार होगा।

आर्थिक स्वतंत्रता और सम्मान
विद्युत सखियां न केवल बिजली उपभोक्ताओं की मददगार बन रही हैं, बल्कि वे सामाजिक बदलाव की वाहक भी हैं। वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने, लोन चुकाने और बच्चों की शिक्षा में योगदान देकर सशक्त बन रही हैं। विद्युत सखी योजना ‘रोशन गांव, सशक्त नारी’ के संकल्प को साकार कर रही है।

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