कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने पहली बार छोटे-छोटे इलाकों में टाउनशिप बसाने की योजना बनाई है। इस कदम से भूमि पर अतिक्रमण रुक सकेगा और राजस्व में बढ़ोतरी होगी। केडीए पहले ही जवाहरपुरम में 500 भूखंडों की योजना ला चुका है, जहां विकास कार्य जारी हैं। अब बारा सिरोही, पनकी गंगागंज और मिर्जापुर में पिछले साल खाली कराई गई 52 हजार वर्ग मीटर भूमि पर आवासीय योजना प्रस्तावित है।
इस योजना में 30 से 112.50 वर्ग मीटर तक के प्लॉट उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए मांग सर्वेक्षण भी किया जाएगा, ताकि आवश्यकतानुसार प्लॉट तैयार किए जा सकें। योजना के क्रियान्वयन के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है और इसे वर्ष के अंत तक प्रस्तुत करने की तैयारी है।
केडीए के अनुसार, पनकी गंगागंज, मिर्जापुर और बारा सिरोही में करोड़ों रुपये मूल्य की भूमि पर अवैध कब्जे थे। हालांकि, केडीए ने मुआवजा दे दिया है, लेकिन दस्तावेजों में भूमि अभी भी अन्य लोगों के नाम पर दर्ज है।
उपाध्यक्ष मदन सिंह गर्ब्याल के निर्देश पर विशेष कार्यकारी अधिकारी डॉ. रवि प्रताप सिंह ने अभियान चलाकर इन क्षेत्रों से अतिक्रमण हटवाया और अब राजस्व दस्तावेजों में केडीए का नाम दर्ज कराया जा रहा है। इस योजना से कानपुर के शहरी विकास को नई दिशा मिलेगी और लोगों को उचित दरों पर प्लॉट उपलब्ध होंगे।