प्रयागराज: त्रिवेणी संगम पर उमड़े साइबेरियाई पक्षी, महाकुंभ 2025 बना ऐतिहासिक आयोजन

प्रयागराज में त्रिवेणी संगम की खूबसूरती इन दिनों प्रवासी साइबेरियाई पक्षियों से और भी बढ़ गई है। मंगलवार सुबह इन पक्षियों का झुंड संगम तट पर उमड़ पड़ा, जिससे घाटों का नजारा और भी मनोरम हो गया। इन नज़ारों को देखने के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचे।
संगम पर प्रवासी पक्षियों का जमावड़ा
प्रयागराज में त्रिवेणी संगम वह स्थान है, जहां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती नदियों का मिलन होता है। हर साल साइबेरियाई पक्षी सर्दियों में संगम और आसपास की आर्द्रभूमि पर प्रवास करते हैं। ये पक्षी अपने मूल स्थानों में अत्यधिक ठंड से बचने के लिए यहां आते हैं, जहां उन्हें भोजन और अनुकूल वातावरण मिलता है। पवित्र संगम पर तैरते और उड़ते इन पक्षियों का दृश्य हर आगंतुक के लिए आकर्षण का केंद्र बन जाता है।

महाकुंभ 2025: एक ऐतिहासिक आयोजन
हाल ही में आयोजित महाकुंभ 2025 को अब तक का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन माना जा रहा है। इस बार 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु इस दिव्य और भव्य आयोजन में शामिल हुए। महाकुंभ के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार ने पांच प्रमुख आध्यात्मिक गलियारे विकसित किए, जिससे प्रयागराज को काशी, मथुरा-वृंदावन, चित्रकूट, गोरखपुर, नैमिषारण्य और लखनऊ जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों से जोड़ा गया।
सीएम योगी ने महाकुंभ की सफलता को सराहा
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ 2025 की अभूतपूर्व सफलता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस आयोजन ने आध्यात्मिक पर्यटन के नए द्वार खोले हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश इस क्षेत्र में वैश्विक केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।
उत्तर प्रदेश में आध्यात्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
महाकुंभ 2025 के सफल आयोजन ने उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं को और मजबूत किया है। इससे प्रयागराज और आसपास के धार्मिक स्थलों को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलेगी, जिससे अर्थव्यवस्था और पर्यटन दोनों को बढ़ावा मिलेगा।



