उत्तर प्रदेशतकनीकपर्यावरणराजनीतिलखनऊ

अयोध्या को देश की पहली सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा: मुख्यमंत्री

– मुख्यमंत्री ने जनपद गौतमबुद्धनगर में अवादा ग्रुप की 1.5 गीगावॉट सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग गीगा फैक्ट्री का उद्घाटन तथा 05 गीगावॉट इण्टीग्रेटेड सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का किया शिलान्यास
– प्रधानमंत्री ने वर्ष 2070 तक नेट जीरो का लक्ष्य दिया, इसके लिए क्लीन एवं ग्रीन एनर्जी को देश में सृजित करने के एक बड़े अभियान को अपने हाथों में लेना होगा
– क्लीन एवं ग्रीन एनर्जी जीव सृष्टि की सबसे बड़ी आवश्यकता, प्रदेश में 04 करोड़ से अधिक एलईडी बल्ब वितरित किए गए, इससे बिजली की खपत कम हुई एवं लोगों के खर्चों में कमी आयी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गौतमबुद्धनगर में दादरी तहसील के कोट गांव स्थित अवादा ग्रुप की 1.5 गीगावॉट सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग गीगा फैक्ट्री का उद्घाटन तथा 05 गीगावॉट इण्टीग्रेटेड सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का शिलान्यास किया। उन्होंने सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग गीगा फैक्ट्री का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2070 तक नेट जीरो का लक्ष्य दिया है। इसके लिए उनके विजन के अनुरूप क्लीन एवं ग्रीन एनर्जी को देश में सृजित करने के एक बड़े अभियान को अपने हाथों में लेना होगा। अवादा ग्रुप ने इस चुनौती को स्वीकार किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज क्लीन एवं ग्रीन एनर्जी जीव सृष्टि की सबसे बड़ी आवश्यकता है। आज हर व्यक्ति पर्यावरण की चुनौतियों से जूझ रहा है। यह केवल ग्लोबल वॉर्मिंग की चुनौती मात्र नहीं है। हम अपने दिन-प्रतिदिन के कार्यों के दौरान भी इस बात का अनुभव करते हैं। नवम्बर-दिसम्बर और जनवरी माह में देश का एनसीआर क्षेत्र एक गैस चैम्बर बन जाता है। हेल्थ इमरजेंसी लागू करनी पड़ती है। पर्यावरण असंतुलन के कारण अतिवृष्टि एवं अनावृष्टि भी होती है। इसके पीछे का कारण असंतुलित और अनियोजित विकास है। पहले से चले आ रहे विकास में संसाधनों का व्यवस्थित रूप से उपयोग किया गया होता, तो आज यह विकराल स्थिति नहीं होती। कहा कि इस समय यूरोप के कई देश और सऊदी अरब सहित अन्य देश बाढ़ से पीड़ित है। यह ग्लोबल वॉर्मिंग के दुष्परिणाम को दर्शाता है, जिन्हें हमें झेलने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। अगर यही स्थिति बनी रही, तो दुनिया के सामने खाद्यान्न के साथ-साथ अस्तित्व का संकट खड़ा हो जाएगा तथा तमाम प्रकार की बीमारियां उत्पन्न होंगी। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री जी ने इण्टरनेशनल सोलर अलायंस के माध्यम से वर्ष 2070 तक भारत को कार्बन जीरो उत्सर्जन (नेट जीरो) तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसकी शुरुआत अलग-अलग फेज में हो रही है। इसमें प्रदेश सरकार द्वारा 22,000 मेगावॉट सोलर एनर्जी के उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पहले पीली एवं सफेद स्ट्रीट लाइट जलती थी। विगत 08 वर्षों में इन स्ट्रीट लाइट को एलईडी स्ट्रीट लाइट से चेंज किया गया। परिणामस्वरूप ऊर्जा की बचत हुई और नगर निकायों के खर्चे कम हुए। आज एक जैसी दूधिया लाइट में पूरा नगर जगमगाता हुआ दिखायी देता है। 04 करोड़ से अधिक एलईडी बल्ब वितरित किए गए। इससे बिजली की खपत कम हुई एवं लोगों के खर्चों में कमी आयी। इसी तरह से सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर प्रतिबन्ध लगाया गया। देश में सोलर पॉलिसी के तहत नए-नए उपाय प्रारम्भ हुए। उत्तर प्रदेश में 08 वर्ष पूर्व मात्र 267 मेगावॉट सोलर एनर्जी का उत्पादन होता था, यह आज बढ़कर 5,000 मेगावॉट तक पहुंच चुका है। इसके लिए प्रदेश सरकार द्वारा बुन्देलखण्ड क्षेत्र में एक बड़े कार्यक्रम को आगे बढ़ाने का कार्य भी किया गया है। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि में श्रीरामलला के विराजमान होने के साथ ही सूर्यवंश की राजधानी को देश की पहली सोलर सिटी के रूप में विकसित करने के एक बड़े कार्यक्रम को सरकार आगे बढ़ा रही है।

उत्तर प्रदेश में सोलर एनर्जी की सम्भावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए अवादा ग्रुप ने दादरी में 1.5 गीगावॉट सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग गीगा फैक्ट्री की स्थापना की है। ईको टेक-16, ग्रेटर नोएडा में 05 गीगावॉट इण्टीग्रेटेड सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का शिलान्यास भी आज सम्पन्न हुआ है। विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप यहां सोलर पैनल भी बना पाएंगे। सोलर पैनल से जुड़े हुए सेल का मैन्युफैक्चरिंग भी प्रदेश में हो पाएगा। इस फुली ऑटोमेटेड 1.5 गीगावॉट सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग गीगा फैक्ट्री में सभी कार्य ऑटोमेटिक तरीके से सम्पन्न किए जा रहे हैं। इस फैक्ट्री में स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हुए हैं। प्रदेश सरकार द्वारा अपनी सोलर पॉलिसी के अन्तर्गत इस प्रकार के कार्यक्रमों को इन्सेंटिव भी वितरित किया जाता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अवादा ग्रुप का यह कार्यक्रम आगे बढ़ेगा और हम प्रधानमंत्री जी के विजन के अनुरूप वर्ष 2070 के पहले ही क्लीन एण्ड ग्रीन एनर्जी के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ा पाएंगे। कार्यक्रम के दौरान सोलर गीगा फैक्ट्री से सम्बन्धित लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई।

इस अवसर पर औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’ सहित अन्य जनप्रतिनिधि, मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, अवादा ग्रुप के चेयरमैन विनीत मित्तल एवं ग्रुप के अन्य पदाधिकारी तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button