सुशांत सिंह राजपूत केस: भाजपा ने उद्धव सरकार पर लगाए सबूत मिटाने के आरोप

बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में सीबीआई ने पांच साल बाद क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है। इस रिपोर्ट में दो अलग-अलग मामलों को शामिल किया गया है—पहला, सुशांत को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला, जिसकी शिकायत उनके पिता केके सिंह ने पटना में दर्ज कराई थी। दूसरा मामला ड्रग्स से जुड़ा था, जिसे सुशांत की कथित प्रेमिका रिया चक्रवर्ती ने उनकी बहन के खिलाफ दर्ज कराया था।
इस बीच, भाजपा ने उद्धव ठाकरे सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भाजपा नेता राम कदम ने कहा कि जब पूरा देश सीबीआई जांच की मांग कर रहा था, तब महाराष्ट्र सरकार ने जांच को रोकने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार पुलिस जब मुंबई जांच के लिए आई थी, तब उसे भी रोका गया था।
सबूतों को मिटाने का आरोप
राम कदम ने कहा कि उद्धव सरकार के करीबी लोगों को बचाने के लिए सबूत नष्ट किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि—
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सुशांत के घर का फर्नीचर हटा दिया गया।
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घर की दीवारों की रंगाई-पुताई करवाई गई।
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घर उसके असली मालिक को वापस सौंप दिया गया।
भाजपा नेता ने यह भी सवाल उठाया कि दिशा सालियान के माता-पिता को आज भी न्याय क्यों नहीं मिल सका?
सुशांत की मौत और विवाद
14 जून 2020 को मुंबई के बांद्रा स्थित अपने फ्लैट में सुशांत सिंह राजपूत मृत पाए गए थे। मुंबई पुलिस ने इसे आत्महत्या करार दिया था और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दम घुटने को मौत का कारण बताया गया था। हालांकि, इस घटना के बाद कई साजिशों की अटकलें लगाई गईं और यह मामला मीडिया, राजनीति और आम जनता के बीच चर्चा का केंद्र बना रहा।
भाजपा ने कहा कि अगर उद्धव ठाकरे सरकार ने समय पर सीबीआई जांच करवाई होती, तो सुशांत के परिवार को न्याय मिल सकता था। वहीं, सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट के बाद भी यह मामला ठंडा पड़ने का नाम नहीं ले रहा।



