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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का छत्तीसगढ़ दौरा: नक्सलवाद के खात्मे को लेकर जताई उम्मीद

रायपुर: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने एक दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान राज्य के लोगों की प्रशंसा करते हुए कहा, “छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया!” उनका यह बयान राज्य की समृद्ध संस्कृति और आपसी सौहार्द को दर्शाता है।

विधानसभा के रजत जयंती समारोह में हुई शिरकत

राष्ट्रपति मुर्मू सुबह रायपुर पहुंचीं, जहां से उनका काफिला सीधे विधानसभा के लिए रवाना हुआ। विधानसभा के रजत जयंती समारोह में अपने संबोधन की शुरुआत उन्होंने स्थानीय अभिवादन “जय जोहार” से की। उन्होंने कहा, “मैं यहां पहले भी कई बार आ चुकी हूँ और हर बार यहां के लोगों से मिलकर खुशी होती है। जैसे आप संबलपुर और बरगढ़ को छत्तीसगढ़ का हिस्सा मानते हैं, वैसे ही हम भी रायपुर को ओडिशा का हिस्सा मानते हैं। परिसीमन की सीमा होती है, लेकिन दिलों में कोई दीवार नहीं होती।”

नक्सलवाद के खात्मे को लेकर जताई उम्मीद

राष्ट्रपति मुर्मू ने छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे को लेकर कहा कि यह अब अंतिम चरण में है। उन्होंने राज्य सरकार और सुरक्षा बलों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, “हमारे जवान बहादुरी से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रहे हैं। सरकार की विकास योजनाएं इसमें बड़ी भूमिका निभा रही हैं, जिससे युवा अब मुख्यधारा में लौट रहे हैं।”

महिला सशक्तिकरण पर जोर

राष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ विधानसभा में महिलाओं की भागीदारी पर खुशी जताई और कहा कि राज्य की महिला विधायकों को हर क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने छत्तीसगढ़ की पहली महिला सांसद मिनीमाता को भी याद किया और उनके योगदान को सराहा।

छत्तीसगढ़ विधानसभा में कदम का पौधा लगाया

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू छत्तीसगढ़ विधानसभा को संबोधित करने वाली तीसरी राष्ट्रपति बनीं। इससे पहले डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा देवी पाटिल भी विधानसभा को संबोधित कर चुके हैं। अपने दौरे के अंत में उन्होंने विधानसभा परिसर में कदम का पौधा भी लगाया।

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