बिजली निजीकरण के विरोध में बिजली इंजीनियरों का आंदोलन तेज

बिजली निजीकरण के विरोध में बिजली इंजीनियरों का 9 अप्रैल को रैली का एलान
उत्तर प्रदेश में बिजली निजीकरण के खिलाफ बिजली इंजीनियरों और कर्मचारियों का विरोध तेज हो गया है। राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने बिजली व्यवस्था का निजीकरण करने की कोशिश की तो कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे।
अभियंता संघ ने 9 अप्रैल को लखनऊ में एक बड़ी रैली की घोषणा की है। इस रैली में प्रदेशभर से बिजली इंजीनियर और कर्मचारी शामिल होंगे। उनका कहना है कि निजीकरण से उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा और बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है।
संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वे किसी भी सूरत में निजीकरण को स्वीकार नहीं करेंगे। सरकार को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांगों की अनदेखी हुई तो पूरे प्रदेश में कार्य बहिष्कार और हड़ताल की जाएगी।


