संघ प्रमुख मोहन भागवत का पांच दिवसीय काशी प्रवास आज होगा खत्म

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत अपना 5 दिन का काशी प्रवास पूरा करके आज राजधानी लखनऊ के लिए रवाना होंगे. 5 दिनों तक उन्होंने संघ के स्ट्रक्चर को और मजबूत करते हुए नए लोगों को संघ से जोड़ने और राष्ट्रवादी मानसिकता के लोगों को संघ तक लाने की वकालत करते हुए अपने स्वयंसेवकों को राष्ट्रहित में हर कार्य करने के लिए कहा है. कल भी वाराणसी की एक शाखा में वह शामिल हुए और उन्होंने सनातन संस्कृति को मजबूत करने के लिए सभी को एकजुट होकर रहने के लिए कहा.
उन्होंने कहा कि जाति का बंधन तोड़ना होगा. ना कोई ब्राह्मण, ना कोई क्षत्रिय, ना कोई व वैश्य ना सूद्र सभी को एक कुएं पर पानी पीना होगा, तभी जाकर सनातन मजबूत होगा. हम सिर्फ हिंदू हैं और हिंदुओं को एकजुट होना अनिवार्य है. फिलहाल 5 दिन के इस प्रवास से एक तरफ जहां संघ को बड़ा फायदा पूर्वांचल से लेने की कवायद संघ प्रमुख की है, तो संघ से बीजेपी में पहुंचने वाले संगठन के पदाधिकारी भी पूर्वांचल में संघ की विचारधारा संग राजनैतिक दृष्टि से भी पार्टी को मजबूत करने में जुट जाएंगे.
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत आज शाम लखनऊ के लिए रवाना होंगे. दोपहर में वह स्वयंसेवकों की अलग-अलग शाखों के कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे और उनसे संवाद भी करेंगे. रविवार को उन्होंने एक शाखा में हिस्सा लिया उसे शाखा में मौजूद कुछ स्वयंसेवकों ने बताया कि संघ प्रमुख राष्ट्रवादी मानसिकता के साथ सभी को एकजुट होकर एक साथ चलने की बात कर रहे हैं. उन्होंने कल यह भी कहा कि जो लोग औरंगजेब को नहीं मानने वाले हैं. उनको अपनी शाखा से जोड़ने का पूरा प्रयास कीजिए और रंग जब वाली मानसिकता के लोगों ने ही देश को खराब करना शुरू किया है. बौद्धिक क्षमता के साथ लोग देश को तोड़ने में लगे हैं. उन्होंने कहा कि हम किसी से बैर नहीं करते हमारे लिए सभी एक बराबर है चाहे हिंदू हो चाहे मुसलमान लेकिन सभी को राष्ट्रहित में बात करनी होगी. भारत माता की जय बोलकर भगवा के नीचे देश को मजबूत करने के लिए आगे बढ़ना होगा.

उन्होंने कहा कि भले ही सभी की पूजा पद्धतियां अलग हो लेकिन मानते सभी ईश्वर को ही हैं. इसलिए सभी को एकजुट होकर राष्ट्रहित में सोचने की जरूरत है, जो भी लोग अपने आप को औरंगजेब का वंशज नहीं मानते हैं उनका संघ में स्वागत है.
5 दिन का संघ प्रमुख का यह काशी प्रवास यूपी और पूर्वांचल के लिए आने वाले दिनों में कितना महत्वपूर्ण होगा? यह भी बेहद जरूरी है. क्योंकि संघ प्रमुख बीते कुछ सालों से लगातार देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रवास कर रहे हैं और उसमें काशी हर बार लिस्ट में आता है. इस बार भी संघ प्रमुख के काशी प्रवास को संघ की शताब्दी वर्ष से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन क्या सिर्फ यह शताब्दी समारोह की सफलता के लिए ही प्रवास माना जाए.
इस बारे में काफी हिंदू विश्वविद्यालय राजनीतिक विभाग के आचार्य प्रोफेसर हेमंत कुमार मालवीय का कहना है कि संघ प्रमुख अलग-अलग जगह प्रवास करते हैं. उसके पीछे संघ की विचारधाराओं को जन-जन तक पहुंचाना महत्वपूर्ण होता है, संघ हमेशा से राजनीति से दूर रहता है और उनकी सोच एक अलग लेवल पर चलती है, लेकिन यह कहना कि संघ को ही सिर्फ मजबूत करना है. गलत होगा क्योंकि संघ के साथ राष्ट्रहित सर्वोपरि मानते हुए संघ अपनी एक अलग विचारधारा से आगे बढ़ता है. संघ और संगठन दोनों के लिए मोहन भागवत का यह प्रवास मायने रखता है.

संघ प्रमुख ने काशी प्रवास के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया. उन्होंने काशी हिंदू विश्वविद्यालय के एनसीसी ग्राउंड में स्वयंसेवकों को संबोधित किया, प्रबुद्धजनों से मुलाकात की और शताब्दी समारोह की सफलता के लिए देशहित में कार्य करने की अपील की. युवाओं से भी मिलकर संघ से अधिक युवाओं को जोड़ने की बात कही. इसके अलावा, गांव-गांव तक संघ का साहित्य और शाखाओं को फैलाने के लिए सेवकों से सहयोग की अपील की. आज वे स्वयंसेवकों से मिलकर, कुछ समय विश्राम के बाद शाम को लखनऊ के लिए रवाना होंगे.



