धर्म

देवरिया का चमत्कारी हनुमान मंदिर, जहां हर भक्त की मनोकामना होती है पूरी

संजय मिश्र ।

उत्तर प्रदेश का एक जनपद है देवरिया।देवरिया जनपद को देवों की नगरी कहा जाता है, और इसकी एक बड़ी वजह है यहां के मंदिर और मठ। देवरिया का इतिहास बहुत प्रसिद्ध और पुराना है। कहा जाता है कि पहले यहां घना जंगल हुआ करता था, जहां देवता आकर तप किया करते थे। आज भी देवरिया में देवों का बास है, और यहां के मंदिरों का महत्व बहुत अधिक है। बारीपुर हनुमान मंदिर देवरिया जनपद मुख्यालय से लगभग 11 किलोमीटर दूर सोनू घाट से बरहज की तरफ जाने वाली सड़क के किनारे से सौ मीटर की दूरी पर पश्चिम दिशा मे स्थित है। यह मंदिर देवरिया जनपद ही नहीं, आसपास के जनपदों में भी काफी प्रसिद्ध है। कहा जाता है कि इस मंदिर में जो भक्त अपनी समस्या हनुमान जी से कहता है, उनकी समस्या खत्म हो जाती है।

इस मंदिर से जुड़ी कई कहानियां हैं जो भगवान हनुमान जी की होने का सबूत देती हैं। कहा जाता है कि आज तक इस मंदिर से कोई ऐसा भक्त नहीं है जिसका मनोकामना पूरी नहीं हुई हो। जो भक्त इस मंदिर में जाते हैं, उनकी मनोकामना पूरी हो जाती है। यही वजह है कि देवरिया जनपद के कोने-कोने से लोग शनिवार और मंगलवार को हनुमान जी के मंदिर में पहुंचकर हाजिरी लगाते हैं।
वैसे तो यह मुख्य मंदिर है श्री नारायण जी की,एक कथा के अनुसार, बहुत साल पहले कुछ लोग बैलगाड़ी पर हनुमान जी को रख कर
अपने गांव ले जा रहे थे ।जो बहुत दूर से बनवा कर लाए थे। जैसे ही बैलगाड़ी वहां पहुंची, बैल रुक गए।लोग उसे लगे आगे बढ़ाने, लेकिन बैलगाड़ी आगे बढ़ी ही नहीं। जस की तस दो – तीन परेशान रहे लोग।जब हनुमान जी आगे नहीं बढ़े,तब वहां पैकौली धाम की पूज्य पवहारी महाराज जी की गद्दी है बारीपुर आए और कहे कि तीन दिन से हनुमान जी अड़े हुए हैं। हनुमान जी यहां से आगे बढ़ेंगे नहीं।क्योंकि यहां श्री भगवान का मंदिर है और ये भगवान को लांघ कर आगे जाने वाले नही हैं।ये यही रहेंगे।तो यह मुख्य मंदिर श्री भगवान का है।बगल में हनुमान जी है।लेकिन यह मंदिर बारीपुर धाम के हनुमान मंदिर के नाम से जाना जाता है।


लोगों का मानना है कि इस मंदिर में जो भक्त आकर अपनी समस्या हनुमान जी से कहता है। उसकी समस्या खत्म हो जाती है। यहां मंदिर में सुबह 5 बजे से लोगों की भीड़ लगनी शुरू हो जाती है। वैसे तो यहां सप्ताह में सातों दिन भक्तों की भीड़ लगी रहती है। लेकिन यहां पर प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को विशेष भीड़ होती है।सभी भक्त अपनी मनोकामना सिद्ध होने का दावा करते हैं।लोगों में इस मंदिर के प्रति अटूट श्रद्धा और विश्वास देखने को मिलता है।कहा गया है कि कलयुग में हनुमान जी को पृथ्वी पर जिंदा होने का बरदान प्राप्त है।यही कारण है कि हनुमान जी के आशीर्वाद से भक्तों की मनोकामना पूर्ण हो जाती है।

Related Articles

Back to top button