राष्ट्रीय

वक्फ संशोधन कानून पर घमासान जारी, थलापति विजय की पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती

नई दिल्ली: वक्फ संशोधन कानून को लेकर देश की राजनीति गरमाई हुई है। संसद से पारित और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद लागू हो चुके वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के खिलाफ जहां विपक्षी दल और मुस्लिम संगठन सड़कों पर हैं, वहीं अब कानूनी लड़ाई भी तेज़ होती जा रही है। इसी क्रम में तमिल फिल्म अभिनेता और राजनेता थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) ने भी इस कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। थलापति विजय की पार्टी द्वारा दाखिल याचिका के साथ-साथ कई अन्य याचिकाएं भी इस अधिनियम के विरोध में दाखिल की जा चुकी हैं, जिन पर सुप्रीम कोर्ट 16 अप्रैल 2025 को सुनवाई करेगा। इसके समानांतर, इस कानून के समर्थन में भी सुप्रीम कोर्ट में कई अर्जियां दी गई हैं, जिससे मामला और पेचीदा हो गया है।

केंद्र सरकार ने भी कैविएट याचिका दाखिल कर सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया है कि कोई भी आदेश पारित करने से पहले सरकार की दलीलें जरूर सुनी जाएं। सरकार ने याचिका में कहा है कि इस अहम विषय पर एकतरफा निर्णय नहीं होना चाहिए और संविधानिक प्रक्रिया के तहत सरकार को सुनवाई का पूरा अधिकार मिलना चाहिए। गौरतलब है कि संसद में यह विधेयक लोकसभा में 288 के मुकाबले 232 और राज्यसभा में 128 के मुकाबले 95 वोटों से पारित हुआ था। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इसे मंजूरी दी और गजट अधिसूचना जारी कर दी गई। अब इसका नाम “उम्मीद अधिनियम, 1995” रखा गया है – जिसका पूरा नाम है: “यूनिफाइड वक्फ मैनेजमेंट, इम्पावरमेंट, एफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट”।

Related Articles

Back to top button