उत्तर प्रदेशक्राइम

अलीगढ़ की सास-दामाद लव स्टोरी में नया मोड़

 अनीता देवी बोलीं- अब राहुल ही मेरा हैसब कुछ 

निश्चय टाइम्स, अलीगढ़। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जिसने पूरे इलाके को हैरान कर दिया है। यह कहानी एक ऐसी महिला की है जो अपनी बेटी की शादी के पहले खुद ही उसके होने वाले दूल्हे के साथ फरार हो गई। मामला केवल पारिवारिक शर्मिंदगी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब इसमें एक नया मोड़ आ गया है, जब फरार सास और दामाद ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया और फिर खुलकर अपनी भावनाओं का इजहार भी किया।

कौन हैं अनीता देवी और राहुल कुमार?

मूल रूप से मडराक थाना क्षेत्र की निवासी अनीता देवी एक गृहिणी हैं और उनकी बेटी शिवानी की शादी 16 अप्रैल 2025 को मछरिया गांव के राहुल कुमार से तय हुई थी। लेकिन शादी से ठीक 10 दिन पहले 6 अप्रैल को अनीता देवी और राहुल घर से अचानक लापता हो गए। परिजनों ने काफी खोजबीन की लेकिन दोनों का कोई सुराग नहीं मिला। अंततः दोनों परिवारों ने स्थानीय थानों में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस एक्टिव हुई और दोनों की तलाश शुरू कर दी।

10 दिन बाद खुद पहुंचे थाने

पुलिस ने जब मोबाइल लोकेशन के आधार पर दबाव बनाना शुरू किया, तो अनीता देवी और राहुल ने खुद को थाने में सरेंडर कर दिया। दोनों को मडराक थाने में लाया गया, जहां पुलिस ने इन्हें अलग-अलग रखा और पूछताछ की। अनीता देवी को वन स्टॉप सेंटर भेजा गया, जबकि राहुल को थाने में हिरासत में रखा गया है। इस बीच दोनों के बयानों ने सभी को चौंका दिया।

अनीता देवी का बयान: पति से तंग आकर भागी

पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में अनीता देवी ने कहा कि वह अपने पति के अत्याचारों और उपेक्षा से तंग आ चुकी थीं। उन्होंने बताया,न मिला, समझदारी मिली।” उन्होंने आगे कहा कि वह राहुल को ही अपना जीवनसाथी मानती हैं, चाहे समाज कुछ भी कहे। “अगर शादी नहीं भी हो पाई, तब भी “मैं अपने पति के पास नहीं लौटना चाहती। मैंने कई सालों तक उनके साथ ज़िंदगी काटी है, लेकिन उन्होंने कभी मेरी भावनाओं को नहीं समझा। राहुल के साथ मुझे सुकू मैं उसके साथ ही रहूंगी,” अनीता ने स्पष्ट तौर पर कहा।

राहुल का पक्ष: केवल हमदर्द बना, लेकिन अब रिश्ते को स्वीकार करता हूं

राहुल कुमार ने पूछताछ के दौरान कहा कि शुरू में वह केवल अनीता देवी के दुखों का साथी बना। “इनके घरवाले इन्हें बहुत प्रताड़ित करते थे। मैं सिर्फ एक इंसानियत के नाते इनके साथ खड़ा हुआ था, लेकिन समय के साथ हमारी नज़दीकियां बढ़ीं। आज मैं अनीता को अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार करने को तैयार हूं,” राहुल ने साफ तौर पर कहा।

परिवारों की चुप्पी और समाज की प्रतिक्रिया

मजेदार बात यह है कि इस घटना के बाद न तो अनीता देवी के परिवार की ओर से कोई व्यक्ति थाने पहुंचा और न ही राहुल के परिजन सामने आए। समाज और गांव में इस खबर को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। कई लोग इसे सामाजिक मर्यादाओं के खिलाफ मान रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मामला बता रहे हैं।

कानूनी और सामाजिक पेचीदगियां

इस लव स्टोरी में एक कानूनी पेंच भी है। अनीता देवी विवाहित हैं और उनके पति जीवित हैं, इसलिए उनका किसी और पुरुष के साथ रहना कानूनी रूप से वैध नहीं माना जाएगा जब तक वे तलाक नहीं ले लेतीं। वहीं राहुल की शादी अनीता की बेटी शिवानी से तय थी, जिससे यह मामला और जटिल हो गया है। पुलिस भी इस केस को संवेदनशील मानते हुए हर पहलू से जांच कर रही है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अभी दोनों के बयानों के आधार पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। यदि किसी प्रकार की आपराधिक साजिश या जबरदस्ती का मामला सामने नहीं आता, तो उन्हें कानून के अनुसार आगे की प्रक्रिया से गुजरने दिया जाएगा।

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