उत्तर प्रदेशक्राइम

बस ने ई-रिक्शा को मारी जोरदार टक्कर, दो की मौत, एक गंभीर रूप से घायल

“तेज़ रफ्तार बस बनी मौत की वजह, डुमवालियाँ गांव में पसरा मातम”

स्थान: महदहा मोड़, सलेमपुर-देवरिया मार्ग, उत्तर प्रदेश

रिपोर्ट: संजय मिश्र
निश्चय टाइम्स ,देवरिया। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। देवरिया-सलेमपुर मार्ग पर स्थित महदहा मोड़ पर शनिवार सुबह एक सरकारी बस और ई-रिक्शा की जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहगीरों ने तत्काल पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी।

हादसा कैसे हुआ?
शनिवार की सुबह करीब 11 बजे, उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की एक अनुबंधित बस देवरिया से सलेमपुर की ओर जा रही थी। जब बस महदहा मोड़ के समीप पहुँची, तभी सामने से एक ई-रिक्शा अचानक मुड़ते हुए सड़क पर आ गया। ड्राइवर के पास बस को रोकने या मोड़ने का समय नहीं बचा और बस ने ई-रिक्शा को सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज़ थी कि ई-रिक्शा के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार तीनों लोग सड़क पर दूर जा गिरे। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर दौड़ पड़े और घायलों को पास के महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज, देवरिया ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने दो लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि तीसरे की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। घायल व्यक्ति को प्राथमिक उपचार के बाद आईसीयू में शिफ्ट किया गया है, जहां डॉक्टरों की एक टीम उसकी देखरेख में जुटी हुई है। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, तीनों लोग देवरिया जिले के डुमवालियाँ गांव के रहने वाले थे।

मृतकों में शामिल हैं:

मंतोष (40 वर्ष), पिता: रामू

अनिल (30 वर्ष), पिता: राम दुलारे

घायल व्यक्ति की पहचान हुई है:

दीपू उर्फ गुच्छन, पिता: मेउड़

दीपू की हालत फिलहाल गंभीर बनी हुई है और उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। घटना की सूचना मिलने पर सलेमपुर कोतवाली पुलिस घटनास्थल पर पहुँची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। साथ ही, बस ड्राइवर को हिरासत में लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस इस पूरे मामले की छानबीन कर रही है, साथ ही बस के ब्रेक सिस्टम और रफ्तार की जांच भी की जा रही है।

ग्रामीणों में आक्रोश, सुरक्षा उपायों की मांग
इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों का कहना है कि महदहा मोड़ पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा यहां कोई स्पीड ब्रेकर या संकेतक नहीं लगाया गया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस मोड़ को ब्लाइंड टर्न घोषित किया जाए और यहां सुरक्षा उपाय किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

परिवहन विभाग पर उठे सवाल
हादसे के बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग अपनी बसों की नियमित जांच कर रहा है? क्या चालक को पर्याप्त ट्रेनिंग दी जा रही है और सड़कों पर यातायात नियमों का पालन हो रहा है या नहीं? इस हादसे ने सरकारी बसों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

पारिवारिक मातम का माहौल
डुमवालियाँ गांव में जैसे ही मंतोष और अनिल की मौत की खबर पहुँची, परिजनों में कोहराम मच गया। गांव में शोक की लहर दौड़ गई और सैकड़ों ग्रामीण पीड़ित परिवार के घर पहुँच गए। मृतकों के घरों में मातम पसरा हुआ है और परिजन सदमे में हैं। सरकार द्वारा अभी तक किसी प्रकार की आर्थिक सहायता की घोषणा नहीं की गई है।

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