उत्तर प्रदेश

कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने तीन दिवसीय क्षमता वर्धन कार्यशाला का किया शुभारंभ

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं को हुनरमंद बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों को और अधिक मजबूती देने के उद्देश्य से तीन दिवसीय क्षमता वर्धन कार्यशाला का आयोजन लखनऊ के होटल सेंटरम में किया गया। इस कार्यशाला का शुभारंभ राज्य के कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने दीप प्रज्ज्वलन करके किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में कौशल विकास की दिशा में सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को साझा किया।

मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा, “प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य में हुनरमंद युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हर जिले में कौशल प्रशिक्षण केंद्र खोलने की तैयारी की जा रही है, ताकि हर युवा को गुणवत्ता पूर्ण प्रशिक्षण प्राप्त हो सके।

कपिल देव अग्रवाल ने प्रशिक्षण प्रदाताओं से अपील की कि वे गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान करें और युवाओं का भविष्य संवारने में मदद करें। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि अच्छे प्रदर्शन करने वाले प्रदाताओं को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि कमजोर प्रदर्शन करने वाले प्रदाताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कार्यशाला में प्रमुख सचिव, व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास डॉ. हरि ओम ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की विशाल जनसंख्या को देखते हुए युवाओं को व्यापक स्तर पर प्रशिक्षण दिए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ-साथ प्रशिक्षणार्थियों से फीडबैक लेकर कार्य करने की बात की।

उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के निदेशक अभिषेक सिंह ने बताया कि यह कार्यशाला विभाग के अधिकारियों, परियोजना कार्यान्वयन एजेंसियों (PIA), प्रशिक्षण भागीदारों (TP) और अन्य कर्मचारियों की कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए आयोजित की गई है। उन्होंने कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसमें जमीनी स्तर की समस्याओं का समाधान खोजने के लिए आपसी संवाद किया जाएगा।

कार्यशाला के पहले दिन विभिन्न तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें परियोजना प्रारंभ, प्रशिक्षण केंद्र संचालन, अभ्यर्थी प्रबंधन, वित्तीय प्रबंधन, ऑन-जॉब ट्रेनिंग, मूल्यांकन और DDU-GKY 2.0 की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की गई।

कार्यशाला के दूसरे दिन भी इन सत्रों की पुनरावृत्ति की जाएगी, जिसमें फील्ड स्तर पर आने वाली व्यावहारिक समस्याओं पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा, विशेष रूप से वित्तीय प्रबंधन और प्लेसमेंट मॉड्यूल पर एक कार्यशाला आयोजित की जाएगी।

इस कार्यशाला में कौशल विकास से जुड़े विभागीय अधिकारी, PIA और TP प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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