उत्तर प्रदेश

विश्व धरोहर दिवस पर लखनऊ राज्य संग्रहालय ने छात्रों को विरासत से जोड़ा

18 अप्रैल 2025 को विश्व धरोहर दिवस के अवसर पर राज्य संग्रहालय, लखनऊ द्वारा विविध शैक्षिक और जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और उनकी सामाजिक-सांस्कृतिक प्रासंगिकता से अवगत कराना था। कार्यक्रमों की इस श्रृंखला में राजकीय इंटर कॉलेज, निशातगंज और यूनिवर्सल पब्लिक स्कूल, मड़ियांव में प्रदर्शनी, व्याख्यान और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
राजकीय इंटर कॉलेज में राज्य संग्रहालय की कलाकृतियों की छायाचित्र प्रदर्शनी लगाई गई, जहां छात्रों को विविध कलाओं, ऐतिहासिक प्रतीकों और विरासत स्थलों की जानकारी दी गई। छात्रों को संग्रहालय भ्रमण के लिए भी आमंत्रित किया गया।

व्याख्यान सत्र में विशेषज्ञों ने विरासत संरक्षण के महत्व पर बात की और बताया कि कैसे युवा पीढ़ी इन धरोहरों की संरक्षक बन सकती है। कॉलेज में आयोजित प्रश्नोत्तरी में 104 छात्रों ने भाग लिया। विजेताओं को प्रधानाचार्या श्रीमती आशा पाण्डेय द्वारा पुरस्कार और प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। यूनिवर्सल पब्लिक स्कूल, मड़ियांव में भी प्रश्नोत्तरी और व्याख्यान का आयोजन हुआ, जिसमें 50 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। चयनित विद्यार्थियों को पुरस्कार और सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र दिए गए।

इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में राज्य संग्रहालय की टीम की भूमिका सराहनीय रही। सहायक निदेशक डॉ. मीनाक्षी खेमका, सुश्री अल शाज फात्मी, श्री शारदा प्रसाद, श्री प्रमोद कुमार, श्री बृजेश कुमार यादव सहित कई अधिकारियों और शिक्षकों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

यह पहल न केवल बच्चों को भारत की ऐतिहासिक धरोहरों से जोड़ने का कार्य कर रही है, बल्कि संरक्षण की संस्कृति को भी प्रोत्साहित कर रही है।

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