उत्तर प्रदेशलखनऊ

 नाले-नालियों की सफाई, सुंदरीकरण और नागरिक सुविधाओं पर विशेष फोकस: ए.के. शर्मा

नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने निकाय कार्यों की वर्चुअल समीक्षा कर दिए स्वच्छता व जल निकासी के सख्त निर्देश

उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने रविवार को डीसीसीसी (DCCC) के माध्यम से प्रदेश के नगरीय निकायों के कार्यों की वर्चुअल समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने साफ-सफाई, जल निकासी, कूड़ा प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।

मंत्री ने निर्देश दिया कि बरसात से पहले सभी छोटे-बड़े नाले और नालियों की सफाई पूर्ण जिम्मेदारी के साथ 30 मई, 2025 तक पूरी कराई जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारी स्वयं मौके पर उपस्थित रहकर सफाई कार्यों की निगरानी करें और जहां भी अतिक्रमण हुआ हो, उसे तुरंत हटाया जाए। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि बरसात के दौरान जलभराव की कोई शिकायत नहीं आनी चाहिए और सभी पंपिंग स्टेशनों को अभी से चालू हालत में जांच लिया जाए।

ए.के. शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश के नगरों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। इसके लिए नगरों की स्वच्छता और सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाए। नियमित सफाई के लिए मैन और मशीन दोनों का उचित उपयोग किया जाए तथा डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाए। नागरिकों की सुविधाओं के साथ किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

नगर विकास मंत्री ने यह भी कहा कि अनावश्यक व अवैध होर्डिंग-बैनर को तत्काल हटाया जाए और नागरिक सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। जो लोग गंदगी फैलाते पाए जाएं, उन पर सख्त जुर्माना लगाया जाए। इसके साथ ही सभी पोर्टेबल कॉम्पैक्टर, ट्रांसफर स्टेशन और मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी को पूरी क्षमता से संचालित करने का निर्देश दिया गया।

मंत्री ने गर्मी को ध्यान में रखते हुए सभी नगरों में पीने के पानी की व्यवस्था मजबूत करने, तालाबों व जलाशयों का सुंदरीकरण कराने, और वानरेबल गार्बेज पॉइंट्स (GVPs) को हमेशा के लिए जनउपयोगी बनाने के निर्देश भी दिए। साथ ही नगरीय क्षेत्र की गौशालाओं में चारे और पानी की पर्याप्त व्यवस्था करने का आदेश दिया।

उन्होंने यह भी कहा कि नगरीय क्षेत्रों में प्रत्येक वर्ष पौधरोपण तो कराया जाता है, लेकिन पौधों की देखभाल की कमी के कारण कई पौधे नष्ट हो जाते हैं। इसके लिए विशेष प्रबंधन करते हुए पौधों का जीवन बचाने के प्रयास किए जाएं।

बैठक में बनारस, अलीगढ़, अयोध्या, लखनऊ, गोरखपुर, मथुरा, कानपुर नगर समेत कई नगर आयुक्तों से मंत्री ने सीधे संवाद किया और सभी को अपने-अपने क्षेत्रों में साफ-सफाई, सड़क सुधार और जल निकासी पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। जिन क्षेत्रों में विगत वर्षों में जलभराव की समस्या रही थी, वहां इस बार किसी भी स्थिति में जलभराव न होने देने के लिए पहले से उपाय करने को कहा गया।

मंत्री ने बुलंदशहर, शामली, सिद्धार्थनगर, मुजफ्फरनगर, रायबरेली, अमेठी, महाराजगंज, बस्ती, बलिया, सुलतानपुर, उन्नाव, भदोही, पीलीभीत के अधिशासी अधिकारियों को भी पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए।

अंत में मंत्री ने कहा कि समय के साथ नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना हम सबकी जिम्मेदारी है। हर समस्या का समाधान जमीनी स्तर पर जाकर किया जाए और अधिक से अधिक डिजिटल प्रचार-प्रसार को बढ़ावा दिया जाए।
बैठक में नगर निगमों के सभी वरिष्ठ अधिकारी, नगर आयुक्त, अधिशासी अधिकारी, जल निगम अधिकारी तथा नगरीय निकायों के अन्य अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।

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