अयोध्या में रामपथ पर मांस और शराब की बिक्री पर रोक, धार्मिक मर्यादा के लिए बड़ा फैसला

अयोध्या नगर निगम का फैसला: राम मंदिर क्षेत्र में गुटखा, सिगरेट और इनरवियर के विज्ञापनों पर भी बैन
अयोध्या: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर की पवित्रता और धार्मिक मर्यादा को बनाए रखने के लिए बड़ा फैसला लिया गया है। अयोध्या नगर निगम ने 14 किलोमीटर लंबे रामपथ क्षेत्र में मांस और शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव पारित कर दिया है। यह प्रस्ताव गुरुवार को नगर निगम की कार्यकारी समिति की बैठक में पारित किया गया, जिसमें मेयर, डिप्टी मेयर और 12 पार्षद मौजूद थे।
इस प्रस्ताव के अनुसार, राम मंदिर के आसपास के पूरे 14 किलोमीटर क्षेत्र में अब कोई भी मांस और शराब की दुकान संचालित नहीं की जा सकेगी। यही नहीं, पान, गुटखा, बीड़ी, सिगरेट और इनरवियर जैसे उत्पादों के विज्ञापनों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। इस कदम का असर न केवल अयोध्या, बल्कि फैजाबाद शहर पर भी पड़ेगा क्योंकि रामपथ का लगभग 5 किलोमीटर हिस्सा फैजाबाद क्षेत्र में भी आता है।

रामपथ अयोध्या के सरयू तट से शुरू होता है और फैजाबाद तक जाता है। यह मार्ग धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यही रास्ता राम मंदिर तक पहुंचाता है। वर्तमान में इस मार्ग के कई हिस्सों में मांस और शराब की दुकानें मौजूद हैं, जिनपर अब पूरी तरह से पाबंदी लगाई जाएगी।
अयोध्या के मेयर गिरीश पति त्रिपाठी ने इस प्रतिबंध की घोषणा करते हुए कहा कि “यह निर्णय अयोध्या की धार्मिक भावना और सांस्कृतिक गरिमा को बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। हम चाहते हैं कि अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को एक पवित्र और अनुशासित वातावरण मिले।”
नगर निगम की ओर से बताया गया है कि इस प्रस्ताव के क्रियान्वयन की विस्तृत योजना जल्द ही जारी की जाएगी। इसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जो दुकानें प्रभावित होंगी, उन्हें वैकल्पिक स्थानों की जानकारी दी जाए।



