उत्तर प्रदेश को अप्रैल 2025 में मिला ₹18204.75 करोड़ राजस्व

जीएसटी, आबकारी और स्टाम्प शुल्क में जबरदस्त वृद्धि, खनन से घटा राजस्व
उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने जानकारी दी है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के अप्रैल माह में राज्य को ₹18204.75 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है, जो कि पिछले वर्ष अप्रैल 2024 की तुलना में ₹1785.30 करोड़ अधिक है। वर्ष 2024-25 के अप्रैल में प्रदेश को कुल ₹16419.45 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ था।
वित्त मंत्री ने बताया कि यह वृद्धि प्रदेश सरकार की राजस्व संग्रहण में सुनियोजित रणनीति और कार्य प्रणाली का परिणाम है। उन्होंने विशेष रूप से जीएसटी, आबकारी, स्टाम्प व निबंधन, परिवहन जैसे विभागों में उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी को रेखांकित किया। अप्रैल 2025 में ₹8943.47 करोड़ की प्राप्ति हुई, जबकि अप्रैल 2024 में यह राशि ₹8310.43 करोड़ थी। यह ₹633.04 करोड़ की वृद्धि को दर्शाता है। वित्त मंत्री ने इसे व्यापार व्यवस्था में पारदर्शिता और ई-गवर्नेंस के प्रयासों का परिणाम बताया। वैट के अंतर्गत अप्रैल 2025 में ₹994.52 करोड़ की प्राप्ति हुई, जो कि पिछले वर्ष के ₹947.98 करोड़ से ₹46.54 करोड़ अधिक है।

इस मद में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली है। अप्रैल 2025 में आबकारी से ₹4319.46 करोड़ प्राप्त हुए, जबकि अप्रैल 2024 में यह आंकड़ा ₹3759.14 करोड़ था। यह ₹560.32 करोड़ की बढ़ोतरी है, जो शराब बिक्री और नियमन व्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है। इस क्षेत्र में भी बड़ी छलांग देखी गई है। अप्रैल 2025 में ₹2729.43 करोड़ की आय हुई, जबकि अप्रैल 2024 में यह ₹2249.78 करोड़ थी। ₹479.65 करोड़ की यह वृद्धि रियल एस्टेट में बढ़ी गतिविधियों और बेहतर निगरानी प्रणाली का प्रमाण मानी जा रही है। अप्रैल 2025 में परिवहन मद से ₹1043.14 करोड़ का राजस्व मिला, जबकि पिछले वर्ष यही आंकड़ा ₹929.61 करोड़ था। इस क्षेत्र में ₹113.53 करोड़ की वृद्धि हुई है। हालांकि इस क्षेत्र में गिरावट देखने को मिली है। अप्रैल 2025 में ₹174.73 करोड़ की आय हुई जबकि पिछले वर्ष यह ₹222.51 करोड़ थी। यह ₹47.78 करोड़ की कमी का संकेत देती है, जिस पर सरकार का ध्यान केंद्रित है।


