एलओसी पर तनाव चरम पर, श्रीनगर व राजौरी में धमाकों की आवाज, पीएम ने बुलाई आपात बैठक

भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। शुक्रवार और शनिवार की रात जम्मू-कश्मीर, पंजाब और राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में तेज धमाकों और गोलीबारी की आवाजें गूंजती रहीं। श्रीनगर, राजौरी और पोखरण जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में बम धमाकों की आवाजें सुनाई दी हैं। सेना ने पुष्टि की है कि ये पाकिस्तान की ओर से की गई ड्रोन और फायरिंग गतिविधियों का जवाब है, जिसे भारतीय फोर्सेस ने सफलतापूर्वक नाकाम किया है।
पाकिस्तान ने एलओसी पर जबरदस्त फायरिंग के साथ-साथ ड्रोन हमलों की भी कोशिश की, जिसका भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया। इस बीच शनिवार को सेना की तरफ से प्रेस ब्रीफिंग की गई, जिसमें कर्नल सोफिया कुरैशी ने स्पष्ट किया कि भारत का S-400 एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित है और पाकिस्तान की ओर से किए गए नुकसान के दावे पूरी तरह झूठे और भ्रामक हैं।
भारत ने हाल ही में “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए कई बड़े हमले किए थे। यह कार्रवाई पहलगाम हमले के बाद की गई थी, जिसमें कई निर्दोष नागरिकों की जान गई थी। ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान बौखलाहट में आ गया है और सीमावर्ती इलाकों में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहा है।
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को आपात बैठक बुलाई। बैठक में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, तीनों सेना प्रमुख मौजूद रहे। बैठक में देश की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की गई और आगे की रणनीति पर चर्चा हुई।
राजौरी में ब्लैकआउट के बीच फायरिंग की तेज आवाजें सुनाई दी हैं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से संयम बरतने और अफवाहों से बचने की अपील की है। सुरक्षा एजेंसियां हर मोर्चे पर अलर्ट पर हैं।
हालात लगातार बदल रहे हैं और भारत पूरी तरह सतर्क है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा और हर उकसावे का जवाब मजबूती से दिया जाएगा।



