उत्तर प्रदेशखेती-किसानीलखनऊ

भूसा संग्रह में लापरवाहीअधिकारियों से जवाब-तलब, बर्ड फ्लू पर सख्त निगरानी के निर्देश

 

एक सप्ताह के भीतर सभी पोल्ट्री फार्मस का निरीक्षण कर सेनिटाइजेशन कराया जाए

जिन जनपदों में अधिक कुक्कुट इकाइयां हैं, वहां पर विशेष सतर्कता बरती जाए

गोआश्रय स्थलों पर स्वच्छता का विशेष ध्यान दिया जाए- धर्मपाल सिंह

निश्चय टाइम्स,लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने भूसा संग्रह अभियान में अपेक्षित प्रगति न पाये जाने पर जनपद बरेली, मुरादाबाद, आजमगढ़ तथा झांसी के पशुचिकित्सा अधिकारियों का स्पष्टीकरण तलब किये जाने के निर्देश दिये हैं। श्री सिंह ने कतिपय जनपदों द्वारा भूसा टेंडर, साइलेज टेंडर तथा भूसा संग्रह अभियान में संतोषजनक लक्ष्य हासिल न करने अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए 20 मई तक सम्पूर्ण भूसा संग्रहण कार्य किये जाने के सख्त निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा है कि हरे चारे की पर्याप्त उपलब्धता हेतु 25 जून से चारा बुआई का कार्य प्रारम्भ किया जाए और इसके लिए आवश्यक प्रबंधन अभी से प्रारम्भ कर दिये जाए।
धर्मपाल सिंह ने आज विधान भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में बर्ड-फ्लू, गोसंरक्षण, भूसा साइलेज टेंडर एवं भूसा संग्रहण अभियान, गोचर भूमि पर हरा चारा उत्पादन तथा वृहद गोसंरक्षण केन्द्रों की स्थिति की गहन समीक्षा की। श्री सिंह ने कहा कि  एवियन एन्फ्लूएंजा वायरस के दृष्टिगत पोल्ट्री, पोल्ट्रीफार्मों एवं कुक्कुट की निगरानी की जाए। एक सप्ताह के भीतर सभी पोल्ट्री फार्मस का निरीक्षण कर सेनिटाइजेशन कराया जाए। विभागीय अधिकारियों द्वारा कुक्कुट पालकों से लगातार सम्पर्क स्थापित कर रोग से बचाव एवं रोकथाम हेतु जागरूक किया जाए। पक्षियों में किसी भी असमायिक बीमारी एवं मृत्यु की दशा में तत्काल मुख्यालय को सूचित किया जाए और मुख्य पशुचिकित्साधिकारी द्वारा स्थान का भ्रमण किया जाए। जिन जनपदों में अधिक कुक्कुट इकाइयां हैं, वहां पर विशेष सतर्कता बरती जाए। किसी भी स्थिति से निपटने हेतु सभी सामग्री एवं उपकरणों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यह ध्यान दिया जाए कि बर्ड फ्लू के संबंध में कोई भ्रामक जानकारी न फैले। भारत सरकार और प्रदेश स्तर पर जारी की गयी गाइडलाइन का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित की जाए। गोआश्रय स्थलों पर स्वच्छता का विशेष ध्यान दिया जाए।
श्री सिंह ने निर्देश दिये कि सभी मण्डलों के अपर निदेशक द्वारा भूसा टंेडर एवं संग्रहण की सघन समीक्षा एवं पर्यवेक्षण किया जाए। गोआश्रय स्थलोें में गर्मी एवं लू से बचाव, हरा चारा, पानी, भूसा, विद्युत, औषधियां एवं अन्य व्यवस्थायें सुनिश्चित की जाए। सभी मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी स्थानीय प्रशासन के सहयोग से चारागाह की भूमि को कब्जामुक्त कराए और उस पर चारा बुआई का कार्य कराए। मानसून से पूर्व पर्याप्त भूसा संग्रहण कर लिया जाए। संक्रामक रोगों से बचाव हेतु वैक्सीनेशन की भी पर्याप्त व्यवस्था की जाए।
बैठक में पशुधन विभाग के प्रमुख सचिव के0 रविन्द्र नायक ने कहा मंत्री द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। पोल्ट्रीफार्मों पर आवश्यक सतर्कता बरती जायेगी और पशुचिकित्सा अधिकारियों द्वारा निगरानी सुनिश्चित की जायेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित अवधि के भीतर भूसा संग्रहण का लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिये। बैठक में पशुधन विभाग के विशेष सचिव देवेन्द्र पाण्डेय, पशुधन विभाग के निदेशक प्रशासन एवं विकास डॉ0 जयकेश पाण्डेय, निदेशक रोग नियंत्रण एवं प्रक्षेत्र डा0 योगेन्द्र पवार, सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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