उत्तर प्रदेश

ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा का निर्देश: आंधी-तूफान से प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल

उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने प्रदेश के उन क्षेत्रों में जहाँ आंधी-तूफान, बारिश एवं वज्रपात के चलते विद्युत आपूर्ति बाधित हुई है, वहां के अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि वे युद्धस्तर पर कार्य कर तत्काल बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करें। उन्होंने कहा कि जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पूरी तत्परता और समर्पण के साथ फील्ड में कार्य किया जाए।

ऊर्जा मंत्री ने बताया कि बीते दो दिनों में राज्य के कई क्षेत्रों में मौसम ने विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे पेड़ों के गिरने, पोल और लाइनों के टूटने से बिजली आपूर्ति पर असर पड़ा है। खासतौर पर 21 मई को आई भीषण आंधी में मेरठ के जागृति विहार और हापुड़ में 220 केवी के दो टॉवर गिर गए। इस संकट के बीच भी अधिकारियों ने तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था से विद्युत आपूर्ति को जारी रखा। इसी प्रकार नैहटौर सर्किट में भी दो टॉवर टूटे, लेकिन अमरोहा से वैकल्पिक लाइन के जरिए वहां की बिजली बहाल की गई।

उन्होंने बताया कि खुद एमडी, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, ईशा दुहान ने रात में टॉर्च की रोशनी में फील्ड का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं सुधारीं। ऊर्जा मंत्री ने बताया कि अधिकारी रातभर जागकर व्यवस्थाएं ठीक करने में लगे रहे और उन्होंने लगातार विभागीय अधिकारियों से संपर्क में रहकर जरूरी निर्देश दिए।

राज्य के लखीमपुर खीरी और सीतापुर जिलों में पेड़ों के गिरने से बिजली पोल और लाइनें टूट गई थीं, जिन्हें विद्युत विभाग की टीम ने तत्परता से मरम्मत कर सप्लाई बहाल कर दी। इसके अतिरिक्त दक्षिणांचल के मथुरा, और पश्चिमांचल के नोएडा और बुलंदशहर जैसे जिलों में भी बिजली आपूर्ति बाधित हुई, लेकिन सभी जिलों में कर्मी पूरी मुस्तैदी से लगे हैं और जल्दी ही सभी स्थानों पर आपूर्ति सामान्य हो जाएगी।

ऊर्जा मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रदेशवासियों को विपरीत मौसम और कठिन परिस्थितियों में भी बेहतर विद्युत सेवा मिले। उन्होंने जनता से अपील की कि वे संयम रखें और ऐसी आपात परिस्थितियों में विद्युत विभाग का सहयोग करें। उन्होंने यह भी बताया कि विभाग को सतर्कता के निर्देश दिए गए हैं और अगले कुछ दिनों तक हर जिले में मॉनिटरिंग जारी रहेगी, जिससे किसी भी आपदा की स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके।

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