बलिया में गंगा नदी में डूबे तीन किशोर, गांव में छाया मातम

बलिया ज़िले के दोकटी थाना क्षेत्र अंतर्गत सावनछपरा और बेचनछपरा गांवों में शुक्रवार सुबह उस समय मातम छा गया, जब गंगा नदी से तीन नाबालिग किशोरों के शव बरामद हुए। तीनों किशोर गुरुवार से लापता थे और उनके शव मिलने की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। परिजन गहरे सदमे में हैं, वहीं सैकड़ों ग्रामीण जगदीशपुर गंगा घाट पर जुट गए। मृतकों की पहचान सावनछपरा के विनय गोंड़ (14), संदीप गोंड़ (15) और बेचनछपरा निवासी वसीम (15) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह तीनों ट्यूशन पढ़ने के बहाने साइकिल से घर से निकले थे, लेकिन शाम तक वापस नहीं लौटे। परिजनों ने जब खोजबीन शुरू की तो जगदीशपुर घाट पर लावारिस हालत में तीन साइकिल, कपड़े और एक बैग मिला। बैग में रखी किताबों और कॉपियों से उनकी पहचान की गई।
घटना की सूचना परिजन और ग्रामीण घाट पर पहुंचे, जहां बच्चों के कपड़े और साइकिल देखकर मातम फैल गया। आशंका जताई जा रही है कि तीनों दोस्त ट्यूशन की बजाय गंगा में नहाने गए थे, जहां हादसा हो गया। घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम बैरिया आलोक प्रताप सिंह, सीओ मोहम्मद फहीम कुरैशी और दोकटी थाना अध्यक्ष हरिशंकर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। रातभर रेस्क्यू ऑपरेशन चला, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। अंततः शुक्रवार सुबह तीनों के शव गंगा से बरामद हुए।
पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। इस दुखद घटना से गांव में गमगीन माहौल है और हर आंख नम है। लोग अभी भी विश्वास नहीं कर पा रहे हैं कि तीनों बच्चे अब इस दुनिया में नहीं हैं।



