अयोध्याउत्तर प्रदेश

राम दरबार के जल्द दर्शन संभव

राम मंदिर के प्रथम तल पर स्थापित हुआ राम दरबार, 10 दिन में शुरू हो सकते हैं दर्शन। मंदिर परिसर में निर्माण कार्य लगभग पूरा, पंचवटी और ग्रंथ संरक्षण पर भी हो रहा कार्य।

अयोध्या में रामभक्तों के लिए एक और शुभ समाचार है। 5 जून को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के पहले तल पर भव्य राम दरबार की प्रतिष्ठा की गई थी, और अब श्रद्धालुओं को इसके दर्शन का अवसर भी जल्द मिल सकता है। मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि 10 दिनों के भीतर प्रथम तल पर स्थित राम दरबार के दर्शन आम भक्तों के लिए खोले जा सकते हैं। इस विषय पर राम मंदिर ट्रस्ट गंभीरता से विचार कर रहा है और इसके लिए व्यापक प्रबंध किए जा रहे हैं। नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि अब तक मंदिर निर्माण लगभग पूर्ण हो चुका है। राम दरबार में भगवान राम के साथ माता सीता, लक्ष्मण और भक्त हनुमान की मूर्तियाँ स्थापित की गई हैं। दर्शन की प्रक्रिया और सुरक्षा को लेकर सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट के विशेषज्ञ लगातार चर्चा कर रहे हैं।

जहां पहले रामलला टेंट में विराजमान थे, उस स्थल पर अब भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की टीम शोधकार्य में लगी है। वहां 500 वर्षों के लंबे संघर्ष की ऐतिहासिक परतों की जांच की जा रही है। यह शोध भविष्य के लिए एक ऐतिहासिक दस्तावेज का रूप ले सकता है। मंदिर परिसर में निर्माणाधीन अन्य परियोजनाएं भी अंतिम चरण में हैं। सप्तऋषि मंदिरों के मध्य स्थित पुष्करणी कुंड का कार्य जल्द पूरा हो जाएगा। वहीं पंचवटी क्षेत्र के लिए भी एक इको-फ्रेंडली मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है, जिसमें स्थानीय जीव-जंतुओं और पक्षियों के लिए प्राकृतिक जल स्रोत बनाए जा रहे हैं।

राम मंदिर के दूसरे तल पर दुर्लभ ग्रंथों का संग्रहालय बनाया जाएगा, जिसमें भगवान राम से जुड़े धार्मिक और ऐतिहासिक ग्रंथों को संरक्षित किया जाएगा। यह कार्य पूरी योजना के अंतर्गत तय कर लिया गया है। साथ ही मंदिर के उत्तर दिशा में प्रवेश द्वार का निर्माण भी जुलाई के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। राम मंदिर निर्माण में भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय, रेलवे मंत्रालय और अन्य कई संस्थाओं का सहयोग रहा है। रक्षा मंत्रालय द्वारा मंदिर की सुरक्षा हेतु टाइटेनियम की जाली लगाई जा रही है। सभी विभागों को ट्रस्ट द्वारा भुगतान किया गया है।

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