अमेरिका में ट्रंप प्रशासन की इमिग्रेशन नीति के खिलाफ उबाल

अमेरिका में ट्रंप की छापेमारी से हंगामा, कई शहरों में विरोध प्रदर्शन तेज
निश्चय टाइम्स, डेस्क। अमेरिका में अवैध प्रवासियों के खिलाफ ट्रंप प्रशासन की सख्त इमिग्रेशन नीति और तेज़ कार्रवाई के चलते विरोध की लहर पूरे देश में फैल गई है। लॉस एंजेलिस में शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब न्यूयॉर्क, शिकागो, अटलांटा, ओमाहा और सिएटल जैसे प्रमुख शहरों तक पहुंच चुका है। हालात की गंभीरता को देखते हुए टेक्सस में सैन एंटोनियो में नेशनल गार्ड के जवानों की तैनाती कर दी गई है। पिछले शुक्रवार को लॉस एंजेलिस में इमिग्रेशन और कस्टम्स इंफोर्समेंट (ICE) अधिकारियों ने लैटिन-बहुल इलाकों में छापेमारी की। इस दौरान कई लोगों को अवैध प्रवासी और गैंग से जुड़ा बताकर गिरफ्तार किया गया, जिससे नाराज लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों पर अंडे फेंके और जमकर नारेबाज़ी की। स्थिति बिगड़ने पर सुरक्षाबलों ने मिर्च स्प्रे और आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को नियंत्रित किया।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि उनकी कार्रवाई सिर्फ लॉस एंजेलिस तक सीमित नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि डेमोक्रेट शासित अन्य शहरों और राज्यों में भी अवैध प्रवासियों के खिलाफ छापेमारी और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस घोषणा के बाद देशभर में प्रवासी समुदायों में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है। कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूजॉम और अन्य स्थानीय नेताओं की आपत्तियों के बावजूद ट्रंप प्रशासन ने लॉस एंजेलिस क्षेत्र में 4,000 से अधिक नेशनल गार्ड और 700 नौसैनिक जवानों की तैनाती कर दी है। अब तक करीब 400 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जा चुका है।ट्रंप प्रशासन की यह नीति पहले से ही अमेरिका में राजनीतिक और सामाजिक विवाद का विषय बनी हुई है, और अब देश एक बार फिर गहरे ध्रुवीकरण की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है।



