
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार को एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में 60,244 नवचयनित कांस्टेबलों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। यह आयोजन राज्य की कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती प्रक्रिया की नई शुरुआत का प्रतीक बना।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने इस मौके पर राज्य में अपराधों पर लगाम और निष्पक्ष भर्तियों के लिए योगी सरकार की सराहना की। मौर्य ने कहा, “भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश, निष्पक्ष भर्तियां और नकल माफिया से मुक्ति – यही हमारी सरकार की प्राथमिकता है। 2017 से पहले प्रदेश में गुंडों और माफियाओं का बोलबाला था, लेकिन अब बदलाव की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।”
गृह मंत्री अमित शाह ने भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर जोर देते हुए कहा, “पहले पुलिस में जाति, सिफारिश और रिश्वत के आधार पर भर्तियां होती थीं। आज तकनीक के माध्यम से पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी है।” उन्होंने आगे कहा कि यह नियुक्तियां सिर्फ नौकरी नहीं हैं, बल्कि राज्य की सुरक्षा, सेवा और संवेदनशीलता के मंत्र को आगे ले जाने की जिम्मेदारी भी हैं।
शाह ने कहा, “सीसीटीवी, कमांड सेंटर, एफएसएल यूनिट्स और हाई-टेक निगरानी सिस्टम के जरिए उत्तर प्रदेश पुलिस आज एक नई दिशा में अग्रसर है। इन नवचयनित कांस्टेबलों को हर जिले, तहसील और समुदाय का प्रतिनिधित्व प्राप्त है, जो इस प्रक्रिया को न्यायसंगत और समावेशी बनाता है।”
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अमित शाह के राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा, “उनके नेतृत्व में नक्सलवाद, संगठित अपराध और देश को अस्थिर करने वाली ताकतें कमजोर हुई हैं।”


