उच्च शिक्षा में पारदर्शिता और गुणवत्ता आई: योगेन्द्र उपाध्याय

उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय एवं उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी की उपस्थिति में उत्तर प्रदेश संयुक्त बी.एड. प्रवेश परीक्षा-2025 का परिणाम घोषित
उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने सफल छात्रों को बधाई दी और बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की कोर कमेटी की सराहना की
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने 751 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की, जिसमें 3,44,546 अभ्यर्थी पंजीकृत थे
आधुनिक तकनीक जैसे बायोमेट्रिक उपस्थिति और एआई आधारित निगरानी का उपयोग किया गया
3,04,980 अभ्यर्थियों को रैंक प्रदान की गई, जिसमें सूरज कुमार पटेल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया
तीन अभ्यर्थियों के परिणाम अनुचित साधनों के प्रयोग के कारण रद्द किए गए।
मिर्जापुर के सूरज कुमार पटेल ने किया टॉप
निश्चय टाइम्स, लखनऊ। प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय एवं उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी की उपस्थिति में मंगलवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, लखनऊ के पुस्तकालय भवन में उत्तर प्रदेश संयुक्त बी.एड. प्रवेश परीक्षा-2025 का परिणाम घोषित किया गया।उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने सफल होने वाले छात्र छात्राओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की कोर कमेटी को भी बधाई दी, जिन्होंने परीक्षा के सफल आयोजन में एक मील का पत्थर स्थापित किया है। योगी सरकार जब से आई है, प्रदेश में बदलाव का नया दौर शुरू हुआ है। हर विभाग में पारदर्शिता, गुणवत्ता और नवीनता आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल निर्देशन और मार्गदर्शन में उच्च शिक्षा ने भी नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने उच्च शिक्षा के विस्तार, गुणवत्ता, शुचिता और पारदर्शिता को सुनिश्चित करने के लिए परीक्षा प्रणाली को आधुनिक तकनीक से जोड़ा है। आज उत्तर प्रदेश की उच्च शिक्षा नई दिशा और दशा प्राप्त कर रही है। तकनीक का ऐसा समावेश हुआ है कि परीक्षा की हर प्रक्रिया सुरक्षित, पारदर्शी और शुचितापूर्ण ढंग से सम्पन्न हो रही है।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में तकनीक का समावेश कर योगी सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि किसी प्रकार की गड़बड़ी की कोई संभावना न रहे। अभ्यर्थियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित मॉनिटरिंग और लाइव सर्विलांस जैसी व्यवस्थाएं इस बात का प्रमाण हैं कि प्रदेश की परीक्षाएं पारदर्शी सम्पन्न हो रहीं हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा से जुड़ने वाले लोग केवल शिक्षक न बने, बल्कि गुरु बनें। गुरु का अर्थ केवल ज्ञान देना नहीं है, बल्कि दिशा देना, संस्कार देना और जीवन का मार्गदर्शन देना है। यही सच्ची शिक्षा का उद्देश्य है। उन्होंने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की परीक्षा टीम की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने पूरी निष्ठा और पारदर्शिता के साथ परीक्षा का आयोजन किया और रिकॉर्ड समय में परिणाम घोषित कर एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। प्रदेश की उच्च शिक्षा प्रणाली
योगी सरकार के नेतृत्व में नई ऊंचाइयों को छू रही है और यह सब शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों और तकनीकी विशेषज्ञों के सामूहिक प्रयास से संभव हो सका है।

उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा में पारदर्शिता, तकनीकी नवाचार और गुणवत्ता के लिए निरंतर प्रयासरत है। बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय द्वारा इस परीक्षा का सफलतापूर्वक आयोजन प्रदेश के शिक्षा तंत्र में एक नई मिसाल है। बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झाँसी को उत्तर प्रदेश शासन द्वारा राज्य स्तरीय संयुक्त बी.एड. प्रवेश परीक्षा-2025 आयोजित करने का दायित्व सौंपा गया था। प्रमुख सचिव एमपी अग्रवाल ने बताया कि बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा के लिए हाईटेक कमांड कंट्रोल रूम स्थापित किया गया, जिसमें आधुनिक ‘इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर’ (ICCC) के माध्यम से प्रदेश भर के सभी परीक्षा केन्द्रों की लाइव निगरानी की गई। परीक्षा केन्द्रों पर ए.आई. युक्त सीसीटीवी कैमरे, बायोमैट्रिक उपस्थिति, फेस रिकग्निशन सिस्टम और फिंगर प्रिंट सत्यापन जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रयोग कर परीक्षा की शुचिता सुनिश्चित की गई।विश्वविद्यालय ने पूरी पारदर्शिता और गोपनीयता के साथ 1 जून 2025 को यह परीक्षा सम्पन्न कराई। प्रदेश के 69 जिलों में 751 परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित इस परीक्षा में कुल 3,44,546 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें 1,96,700 महिलाएं और 1,47,846 पुरुष अभ्यर्थी शामिल थे।
परीक्षा में प्रथम पाली में 3,05,332 एवं द्वितीय पाली में 3,05,439 अभ्यर्थी सम्मिलित हुए। परीक्षा पूरी तरह से शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी वातावरण में सम्पन्न हुई। अमेठी और बलरामपुर जिलों में सर्वाधिक 93 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई, जबकि बिजनौर में न्यूनतम 82 प्रतिशत उपस्थिति रही। परीक्षा के दौरान तीन अभ्यर्थी अनुचित साधन प्रयोग करते हुए पकड़े गए, जिनके परीक्षाफल निरस्त कर दिए गए हैं। परीक्षा में दोनों पालियों के ओएमआर उत्तर पत्रकों की डबल स्कैनिंग एवं इमेज स्कैनिंग कर मूल्यांकन किया गया। परीक्षाफल समिति द्वारा मैन्युअल सत्यापन भी किया गया। समिति ने मूल्यांकन प्रक्रिया की पारदर्शिता और शुद्धता को प्रमाणित किया।प्रवेश परीक्षा में कुल 3,04,980 अभ्यर्थियों को रैंक प्रदान की गई, जिसमें कला वर्ग के 1,95,142, विज्ञान वर्ग के 92,593, वाणिज्य वर्ग के 14,783 और कृषि वर्ग के 2,462 अभ्यर्थी शामिल हैं।
घोषित परीक्षाफल के अनुसार, जनपद मिर्जापुर के सूरज कुमार पटेल (विज्ञान वर्ग) ने 362.662 अंकों के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया। जनपद भदोही की शीबा परवीन (विज्ञान वर्ग) ने दूसरा स्थान और जनपद जौनपुर की शिवांगी यादव (कला वर्ग) ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। शीर्ष 10 में 8 पुरुष और 2 महिलाएं शामिल हैं। बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय, राज्य समन्वयक प्रो. एस. पी. सिंह, सह राज्य समन्वयक प्रो. सौरभ श्रीवास्तव, कुलसचिव राज बहादुर सिंह, कोर टीम के सदस्य प्रो. एम. एम. सिंह, डॉ. सुनील त्रिवेदी, डॉ. भुवनेश्वर, डॉ. दीप्ति, डॉ. अनुराग, डॉ. प्रेम प्रकाश राजपूत, डॉ. दीपक तोमर, इंजीनियर साबिर अली, डॉ. अतुल प्रकाश खरे, अनिल कुमार बोहरे, जितेन्द्र कुमार साहू एवं अन्य सम्बन्धित उपस्थित रहे।


