ईरान-इजराइल युद्ध में फंसे प्रयागराज के 90 जायरीन सकुशल लौटे वतन

बोले – पीएम मोदी और भारत सरकार के शुक्रगुजार हैं
प्रयागराज। इजराइल-ईरान युद्ध के बीच ईरान के कुम शहर में फंसे प्रयागराज के 90 जायरीन आखिरकार भारत सरकार की मुहिम ‘ऑपरेशन सिंधू’ के जरिए सकुशल स्वदेश लौट आए हैं। दरियाबाद निवासी वजाहद हुसैन और उनके परिवार के 17 सदस्य जब सोमवार को प्रयागराज पहुंचे तो भावुक हो गए। उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद नहीं थी कि हम जिंदा लौट पाएंगे, लेकिन भारत सरकार ने चमत्कार कर दिखाया।”
वजाहद ने बताया कि 19 मई को यह जत्था करबला के लिए इराक रवाना हुआ था, जहां से आगे ईरान के कुम शहर पहुंचे। 13 जून को वापसी की फ्लाइट थी, लेकिन तभी इजराइली हमले शुरू हो गए और ईरान ने एयरस्पेस बंद कर दिया। इसके बाद सभी को कुम में रोका गया। “जहां हम थे, वहां से बम गिरने की आवाजें साफ आती थीं। खिड़की से ड्रोन अटैक तक दिखते थे। हमारे साथ कई बुजुर्ग, बीमार लोग थे। हालात बेहद डरावने थे,” वजाहद ने बताया। भारत सरकार की पहल पर सभी को 16 घंटे बस यात्रा कराकर मशहद लाया गया, जहां फाइव स्टार होटल में ठहराया गया। खानपान की पूरी व्यवस्था की गई। रविवार रात 6:30 बजे एयरलाइन से 290 भारतीयों के साथ फ्लाइट दिल्ली रवाना हुई, जिसमें प्रयागराज के सभी जायरीन भी शामिल थे।
परिवार के सदस्यों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास का आभार जताया। वजाहद ने कहा, “जिस संवेदनशीलता और तत्परता से भारत सरकार ने हमें सुरक्षित निकाला, वह गर्व का विषय है। हर भारतीय को अपने नेतृत्व पर गर्व होना चाहिए।” घर लौटने पर शहर में परिजनों और रिश्तेदारों ने जोरदार स्वागत किया। सभी ने भारत सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह राहत, सम्मान और सुरक्षा की भावना लेकर लौटी यात्रा हमेशा याद रहेगी।



