
पटना: बिहार के चर्चित उद्योगपति गोपाल खेमका हत्याकांड में पटना पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने मामले में मुख्य साजिशकर्ता के रूप में कारोबारी अशोक साव को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि अशोक साव ने गोपाल खेमका की हत्या के लिए 10 लाख रुपये की सुपारी देकर इस पूरे अपराध की साजिश रची थी।
पुलिस की टीम ने पटना सिटी से पकड़े गए शूटर विजय सहनी से पूछताछ के दौरान कई अहम सुराग जुटाए, जिनके आधार पर अशोक साव का नाम सामने आया। साव मूल रूप से नालंदा का निवासी है और बिल्डिंग व कंस्ट्रक्शन के व्यवसाय से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि गोपाल खेमका से उसके कारोबारी रिश्ते तनावपूर्ण हो गए थे, जिसके चलते उसने यह खतरनाक कदम उठाया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार अशोक साव ने गोपाल खेमका की हत्या के लिए पेशेवर शूटरों को हायर किया और 10 लाख की सुपारी देकर हत्या की योजना को अंजाम दिलवाया। इस हत्याकांड में शामिल कई नाम पुलिस के रडार पर हैं और आगे की छानबीन जारी है।
उधर, इस केस में पहले ही एनकाउंटर में मारे गए विकास उर्फ राजा को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। उसके परिजनों का कहना है कि विकास पूरी तरह निर्दोष था और चेन्नई में एक निजी कंपनी में नौकरी करता था। परिजनों ने आरोप लगाया कि उसे जानबूझकर बलि का बकरा बनाया गया और पुलिस ने बिना ठोस सबूत के एनकाउंटर में मार गिराया।
विकास की मां ने भावुक होते हुए कहा, “मेरा बेटा निर्दोष था, उसका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं था। उसे मार दिया गया।” घटना के बाद उनके घर में मातम का माहौल है। फिलहाल पटना पुलिस अशोक साव से गहन पूछताछ कर रही है और मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है। यह देखना अब अहम होगा कि इस केस में और किन लोगों की संलिप्तता उजागर होती है।



