कानपुर-गोरखपुर चिड़ियाघर फिर से खुलेंगे

कानपुर/गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर और गोरखपुर चिड़ियाघरों से जुड़ी बड़ी राहत की खबर सामने आई है। करीब दो महीने के बंद के बाद दोनों चिड़ियाघरों को 8 जुलाई से दोबारा आम दर्शकों के लिए खोलने का निर्णय लिया गया है। यह फैसला भोपाल स्थित राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग संस्थान (NIHSAD) से आई तीसरी जांच रिपोर्ट के बाद लिया गया है, जिसमें बर्ड फ्लू संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई।
गौरतलब है कि 13 मई को कानपुर जू में गोरखपुर से लाए गए शेर पटौदी की मौत के बाद बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी। इसके बाद गोरखपुर जू में भी एक मोर की मौत ने खतरे को और गहरा कर दिया। एहतियातन कानपुर और गोरखपुर के साथ-साथ लखनऊ चिड़ियाघर को भी अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। हालांकि, लखनऊ और कुछ अन्य चिड़ियाघरों को बाद में खोल दिया गया था, लेकिन कानपुर और गोरखपुर जू को पूरी तरह रेड जोन घोषित किया गया था।
चिड़ियाघरों को फिर से खोलने से पहले तीन बार सैंपलिंग और परीक्षण किए गए। NIHSAD भोपाल की तीसरी और अंतिम रिपोर्ट के भी निगेटिव आने के बाद, अब दोनों चिड़ियाघरों को पूरी तरह सुरक्षित माना गया है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अब सभी पक्षियों और जानवरों की नियमित स्वास्थ्य जांच पूरी हो चुकी है। संक्रमण का कोई खतरा नहीं है और सभी एहतियाती उपाय पूरे कर लिए गए हैं। शासन को भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर दोनों संस्थानों को आम जनता के लिए खोलने की अनुमति दे दी गई है।
जू प्रशासन ने दर्शकों की वापसी को देखते हुए पूरी तैयारी कर ली है। परिसर की सफाई, सैनिटाइजेशन, टिकट काउंटर और सामाजिक दूरी जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है। लंबे समय से चिड़ियाघर बंद होने के कारण निराश प्रकृति प्रेमी, बच्चे और परिवार अब फिर से चिड़ियाघर भ्रमण के लिए उत्साहित हैं।


