पं. प्रसून की 93वीं जयंती पर भावपूर्ण आयोजन

गोपालपुर, जौनपुर में पारसबेला न्यास द्वारा हुआ दो सत्रों में कार्यक्रम
कवि सम्मेलन और ‘पारस शिखर सम्मान’ रहा आकर्षण का केंद्र
निश्चय टाइम्स डेस्क। शिक्षाविद एवं कवि पं. पारस नाथ पाठक ” प्रसून ” की 93वीं जयंती समारोह का आयोजन उनकी पुण्य स्मृति में गठित पारसबेला न्यास द्वारा उनके पैतृक गाँव गोपालपुर , जौनपुर में गुरुपूर्णिमा 10 जुलाई, 2025 को किया गया l पं.पारस नाथ पाठक “प्रसून ” सहृदय कवि होने के साथ उदात्त भावों से ओतप्रोत प्रेरक व्यक्तिव के धनी थे , जो कठिन परिस्थितियों में भी हार न मानते हुए जीवन पथ पर समत्व, योगस्थ भाव से निरन्तर आगे बढ़ते रहे l आज भी हम उनका स्मरण उनके द्वारा किये गये विशिष्ट कार्यों के लिए करते हैं। उन्होंने जीवन के प्रत्येक क्षण का सद्कार्यों में उपयोग करते हुए शिक्षा, साहित्य के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को अपनी तपश्चर्या से अभिसिंचित किया है। आज जहाँ प्रगति के नाम पर लोग घर, परिवार, गाँव का परित्याग कर पलायन कर देते हैं वहीं वे शिक्षा की दृष्टि से पिछड़ेअपने क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने के लिए कृत संकल्प रहे। उन्होंने स्थानीय सर्वोदय विद्यापीठ इंटर कालेज मीरगंज, जौनपुर की स्थापना में अग्रणी भूमिका का निर्वाह करते हुए इसे क्षेत्र की शिक्षा का केन्द्र बनाया।
प्रसून जी महान गीतकार थे जिन्होंने विभिन्न कविताओं, गीतों के माध्यम से अपनी भावनाओं को व्यक्त किया है। कभी समाज की विसंगतियों, विद्रूपताओं से आहत होकर यह सृजन हुआ है तो कभी देश की गरीबी, लाचारी से उद्वेलित होकर l मातृभूमि का स्तवन तथा महापुरुषों के त्याग एवं बलिदान का स्मरण सदैव उनके काव्य का पाथेय रहा है। उनकी रचनाएं जीवन के प्रत्येक पहलू को छूती हैं और वे ऐसी समतामूलक सृष्टि के समर्थक हैं जिसमें स्नेह, प्रेम, करुणा, सदाचार, भाईचारा, सत्य, अहिंसा का स्थान है जो कि कि भारतीय संस्कृति का मूल प्राणतत्व रहा है।
संपन्न कार्यक्रमों के विवरण
उक्त आयोजन दो सत्रों में हुआ l प्रथमसत्र के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में श्रीकला धनंजय सिंह, अध्यक्ष, जिला पंचायत, जौनपुर एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में बृजेश कुमार सिंह ” प्रिन्सू ” सदस्य विधान परिषद की उपस्थिति रही l द्वितीय सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. दिनेश चन्द्र, जिलाधिकारी, जौनपुर ने समारोह को सुशोभित किया | उक्त आयोजन के प्रथम सत्र में प्रसून जी एवं उनकी धर्मपत्नी बेला देवी की स्मृति में निर्मित “पारसबेला मण्डपम्” का लोकार्पण हुआ l इसी सत्र में प्रसून जी के सहशिक्षकों के सम्मान के साथ गाँव के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को लेखन सामग्री वितरण एवं वृक्षारोपण का कार्यक्रम संपन्न हुआ l
द्वितीय सत्र में हिन्दी के वरिष्ठ एवं बहुचर्चित कवि डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र को पारस शिखर सम्मान प्रदान किया गया l न्यास द्वारा 2009 से प्रतिवर्ष यह सम्मान हिन्दी के एक वरिष्ठ कवि को प्रदान किया जाता है l इसी सत्र में “पारस परस” पत्रिका के जुलाई- सितंबर, 2025 अंक का, जो प्रसून जी की पावन स्मृति को समर्पित है का लोकार्पण भी हुआ l
इसी सत्र के अंत में आयोजित कवि सम्मेलन ने समारोह में चार चाँद लगा दिए | कवि सम्मेलन में पद्मश्री डॉ. सुनील जोगी के साथ डॉ. श्लेष गौतम, राधेश्याम भारती, डॉ. कमलेश राय एवं भावना तिवारी ने काव्यपाठ किया | कवि सम्मेलन का प्रारंभ माँ सरस्वती की आराधना से हुआ | कवियों के द्वारा पढ़े गए प्रमुख गीत , मुक्तक आदि


