उत्तर प्रदेश

स्वास्थ्य समिति की बैठक में उठे अहम मुद्दे

 संचारी रोग नियंत्रण व टीबी उन्मूलन पर विशेष जोर

लखनऊ। शनिवार को जिलाधिकारी विशाख जी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान, दस्तक अभियान, टीकाकरण, कुपोषण एवं विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की गहन समीक्षा की गई।

बैठक की शुरुआत में जिलाधिकारी ने नए पोस्टमार्टम हाउस का प्रस्ताव तैयार कर तत्काल संबंधित अधिकारियों को भेजने का निर्देश दिया। जननी सुरक्षा योजना (JSY) के अंतर्गत भुगतान में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए केजीएमयू और रानी अवंतीबाई जिला महिला अस्पताल को शत-प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में पोषण पुनर्वास केंद्रों पर बच्चों की कम संख्या में रेफर होने का मुद्दा उठा, खासकर गोसाईगंज और मोहनलालगंज क्षेत्र से। इस पर जिलाधिकारी ने आईसीडीएस के जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिया कि वे बाल विकास परियोजना अधिकारियों (CDPO) के माध्यम से अति-कुपोषित (SAM) और मध्यम कुपोषित (MAM) बच्चों की पहचान कर उन्हें अनिवार्य रूप से एनआरसी केंद्रों तक पहुंचाएं।

इसके साथ ही काकोरी, नगराम, मलिहाबाद जैसे क्षेत्रों में नियमित टीकाकरण की समीक्षा करते हुए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाओं के मूल्यांकन की जिम्मेदारी अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सौंपी गई। मोहनलालगंज, बक्शीक़ा तालाब और इटौंजा में CHO की अनुपस्थिति पर कड़ी नाराजगी भी जताई गई।

टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया गया कि निक्षय मित्र अभियान को तेज़ किया जाए और टीबी रोगियों को पोषण पोटली वितरित की जाए। दस्तक अभियान व संचारी रोग नियंत्रण के तहत सभी विभागों को माइक्रोप्लान के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए गए। बैठक में CMO डॉ. एन.बी. सिंह सहित WHO, UNICEF, UNDP, पाथ व JSI जैसे साझेदार संगठनों के प्रतिनिधि, सीएचसी अधीक्षक और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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