बिहार की मतदाता सूची पर संग्राम

एसआईआर के खिलाफ संसद परिसर में विपक्ष का जोरदार प्रदर्शन
नई दिल्ली। बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर सोमवार को संसद परिसर में विपक्षी दलों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने किया। उनके साथ समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और अन्य विपक्षी सांसद भी शामिल हुए।
प्रदर्शन संसद भवन परिसर के मकर द्वार के पास आयोजित किया गया, जहां ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (INDIA) के घटक दलों के सांसद एकत्र हुए। इन नेताओं ने हाथों में बैनर लेकर ‘एसआईआर – लोकतंत्र पर हमला’ जैसे नारे लगाए। विपक्ष का आरोप है कि बिहार में मतदाता सूची का यह विशेष पुनरीक्षण राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है और इसका इस्तेमाल वोटर डेटा में हेरफेर के लिए किया जा सकता है।
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने नारा लगाया – “संविधान को बचाओ, लोकतंत्र की हत्या बंद करो।” उन्होंने कहा कि बिहार में एसआईआर के नाम पर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के साथ छेड़छाड़ की जा रही है, जो बेहद चिंताजनक है।
प्रदर्शन से पहले विपक्षी दलों की एक रणनीतिक बैठक भी संसद परिसर में हुई, जिसमें मानसून सत्र के दौरान इस मुद्दे को उठाने और सरकार पर दबाव बढ़ाने की योजना बनाई गई। विपक्षी सांसदों ने यह भी मांग की कि इस गंभीर विषय पर संसद में तत्काल चर्चा कराई जाए।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इस कदम को संविधान और मतदाता अधिकारों के खिलाफ बताया। वहीं, समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने कहा कि मतदाता सूची से छेड़छाड़, लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश का हिस्सा है, जिसे विपक्ष बर्दाश्त नहीं करेगा।
विपक्ष का मानना है कि एसआईआर के जरिए सरकार एक खास वर्ग को मतदाता सूची से हटाकर चुनावी लाभ लेने की कोशिश कर रही है। ऐसे में यह मुद्दा आने वाले दिनों में संसद और सड़कों पर राजनीतिक टकराव का केंद्र बन सकता है।



