मंत्री ने की योजनाओं की समीक्षा, निर्देश

- पिछड़ा वर्ग एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण योजनाओं के क्रियान्वयन पर मंत्री नरेंद्र कश्यप ने दिया जोर
- लाभार्थियों तक समयबद्ध लाभ पहुँचाने और जनजागरूकता अभियान तेज़ करने के निर्देश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने गुरुवार को सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में दोनों विभागों की योजनाओं की संयुक्त समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा पूर्व में दिए गए निर्देशों की अनुपालना की स्थिति का गहन परीक्षण किया और स्पष्ट कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग
मंत्री ने छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति, कंप्यूटर प्रशिक्षण और शादी अनुदान योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि गांधी जयंती (2 अक्टूबर) तक अधिक से अधिक छात्रों को छात्रवृत्ति का लाभ मिलना चाहिए। इसके लिए सभी ज़िलों में बेसिक शिक्षा अधिकारियों और पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारियों के बीच समन्वय बनाने के निर्देश दिए गए।
स्कूल स्तर पर विशेष अभियान चलाकर आवेदन की प्रक्रिया, समयसीमा और पात्रता की जानकारी विद्यार्थियों तक पहुँचाई जाए। शादी अनुदान योजना के आवेदनों का शीघ्र निस्तारण और लाभार्थियों को समयबद्ध सहायता राशि स्थानांतरण किया जाए।
कंप्यूटर योजना में ट्रिपल सी व ओ लेवल के अलावा अन्य आधुनिक तकनीकी कोर्स भी जोड़े जाएं। राज्य सूची में शामिल लेकिन केंद्र सूची से बाहर जातियों को केंद्र की सूची में शामिल कराने हेतु प्रस्ताव तैयार कर भेजने के निर्देश।

दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग
मंत्री ने विभागीय योजनाओं जैसे: वित्तीय सहायता, छात्रवृत्ति, उपकरण वितरण, स्वरोजगार प्रशिक्षण, दुकान संचालन,
शादी प्रोत्साहन, निःशुल्क बस यात्रा के क्रियान्वयन पर संतोष जताया। साथ ही विभागीय स्कूलों की शैक्षिक गुणवत्ता, नामांकन और अवस्थिति की समीक्षा करते हुए आवश्यक सुधारात्मक कदमों की बात कही।
2025-26 की पहली तिमाही में:
11,32,240 दिव्यांगों को पेंशन (आधार आधारित भुगतान प्रणाली से)
12,692 कुष्ठावस्था लाभार्थियों को पेंशन
“विश्व दिव्यांग दिवस” (3 दिसम्बर 2025) के आयोजन हेतु 10 अगस्त तक नामांकन/प्रस्ताव आमंत्रित किए जा रहे हैं।
मंत्री का निर्देश
मंत्री ने कहा कि सभी योजनाओं की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे, इसके लिए मीडिया, सोशल मीडिया, स्कूलों, पंचायतों, नगरीय निकायों व जागरूकता शिविरों के माध्यम से जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, जिससे ज्यादा से ज्यादा पात्र लोग योजनाओं से लाभान्वित हो सकें।



