
चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में नाम के साथ तस्वीर भी जारी की
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव एक बार फिर विवादों में हैं। शनिवार दोपहर 1:30 बजे उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है, जिससे वे आगामी चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। लेकिन कुछ ही देर में यह दावा झूठा और भ्रामक साबित हुआ।
तेजस्वी के बयान के तुरंत बाद, आम लोगों ने भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट से उनका नाम खोजकर सोशल मीडिया पर वोटर लिस्ट का स्क्रीनशॉट वायरल कर दिया। इसमें तेजस्वी यादव का नाम उनके पिता लालू प्रसाद यादव के साथ क्रमांक 416 पर दर्ज है।

इस पूरे घटनाक्रम पर भाजपा ने आक्रामक रुख अपनाया। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने तेजस्वी यादव का नाम और तस्वीर दिखाते हुए मतदाता सूची का प्रमाण सोशल मीडिया पर साझा किया। उन्होंने ट्वीट किया –
“तेजस्वी जी, आपकी योग्यता पर मुझे ही नहीं, पूरे बिहार को संदेह है। ड्राफ्ट सूची में अपना नाम खोजना भी आपसे नहीं हो रहा। अब तो भ्रामक और फर्जीवाड़े की दुकानदारी बंद कीजिए।”
चुनाव आयोग ने भी तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए तेजस्वी यादव के दावे को “झूठा और तथ्यात्मक रूप से गलत” बताया। आयोग ने कहा कि तेजस्वी यादव का नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में स्पष्ट रूप से 416वें क्रम पर दर्ज है, और उनका ईपीआईसी नंबर भी मान्य है।
तेजस्वी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान उनका नाम हटा दिया गया है और चुनाव के ऐप पर उनका नाम नहीं दिख रहा है। उन्होंने सवाल उठाया था कि “मैं चुनाव कैसे लड़ूंगा?” लेकिन उनके दावों पर विपक्ष और जनता ने सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें ही कठघरे में खड़ा कर दिया।



