उत्तर प्रदेश

यूपी सरकार का बड़ा फैसला: अब 50 से कम बच्चों वाले स्कूलों का नहीं होगा विलय

उत्तर प्रदेश सरकार ने परिषदीय स्कूलों के विलय पर बड़ा निर्णय लिया है। अब प्रदेश में 50 से कम बच्चों वाले स्कूलों का न तो विलय होगा और न ही पेयरिंग की जाएगी। इसके साथ ही सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि कोई भी प्राथमिक स्कूल एक किलोमीटर से अधिक दूरी पर नहीं होगा। इस आशय का जवाब राज्य सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में दाखिल किया।

गुरुवार को मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ में हुई सुनवाई के दौरान सरकार ने अपना रुख स्पष्ट किया। राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता अनुज कुदेसिया ने बताया कि यह निर्णय प्रदेश के सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों तक भेजा जा चुका है और आगे की कार्रवाई इसके अनुसार हो रही है।

मामले की अगली सुनवाई 1 सितंबर को होगी। इससे पहले 24 जुलाई को हाईकोर्ट ने सीतापुर जिले में स्कूलों के विलय में अनियमितताओं को देखते हुए यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था। अदालत ने कहा था कि यह अंतरिम आदेश सरकार की नीति के मेरिट पर टिप्पणी नहीं है।

दरअसल, पहली विशेष अपील सीतापुर के पांच बच्चों की ओर से और दूसरी 17 बच्चों की ओर से दाखिल की गई थी। उन्होंने एकल पीठ द्वारा 7 जुलाई को दिए गए फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें स्कूलों के विलय को सही ठहराया गया था। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. एलपी मिश्र और अधिवक्ता गौरव मेहरोत्रा ने दलीलें दीं, जबकि राज्य सरकार की ओर से अनुज कुदेसिया और मुख्य स्थाई अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार सिंह ने पक्ष रखा।

Related Articles

Back to top button