एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन ने भरा नामांकन

देश में उपराष्ट्रपति चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। बुधवार को एनडीए के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह समेत वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में अपना नामांकन दाखिल किया। नामांकन पत्रों के चार सेट राज्यसभा महासचिव पी.सी. मोदी को सौंपे गए। इन चार सेटों में पीएम मोदी, राजनाथ सिंह, अमित शाह और जदयू नेता राजीव रंजन सिंह मुख्य प्रस्तावक बने।
तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) सुप्रीमो और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू पहले ही राधाकृष्णन को समर्थन दे चुके हैं। नायडू ने तेदेपा सांसदों के साथ मुलाकात कर एनडीए उम्मीदवार को अपना समर्थन घोषित किया। दूसरी ओर विपक्ष ने पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी को अपना उम्मीदवार बनाया है। निवर्तमान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों से अचानक इस्तीफा दिया था, जिसके चलते यह चुनाव जरूरी हो गया।
सीपी राधाकृष्णन का जन्म 4 मई 1957 को तमिलनाडु के तिरुपुर में हुआ। वे आरएसएस से लंबे समय से जुड़े रहे हैं और 1998 व 1999 में कोयंबटूर से सांसद चुने गए। संसद में रहते हुए उन्होंने वित्त, टेक्सटाइल और शेयर बाजार घोटाले पर बनी समितियों में सक्रिय भूमिका निभाई। वे संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा भी रहे। 2004 से 2007 तक तमिलनाडु भाजपा के अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने राज्यभर में व्यापक यात्राएं कीं और सामाजिक मुद्दों को उठाया। बाद में वे कोयर बोर्ड के अध्यक्ष और भाजपा के राष्ट्रीय प्रभारी भी रहे। 2023 से वे झारखंड के राज्यपाल और इसके बाद महाराष्ट्र व तेलंगाना के राज्यपाल बने।
बीजेपी ने उन्हें उम्मीदवार बनाकर न केवल उनकी राजनीतिक व प्रशासनिक अनुभव को सामने रखा है, बल्कि तमिलनाडु व दक्षिण भारत में पार्टी की पकड़ मजबूत करने का भी संकेत दिया है।
उपराष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों के सांसदों से बने निर्वाचन मंडल द्वारा होगा। कुल 781 सांसद वोट डालेंगे। जीत के लिए उम्मीदवार को कम से कम 391 प्रथम वरीयता वोट चाहिए। लोकसभा और राज्यसभा में एनडीए का संख्या बल देखते हुए सीपी राधाकृष्णन की जीत लगभग तय मानी जा रही है।



