उत्तर प्रदेश

योगी आदित्यनाथ का विजयादशमी संदेश

रामायण के संदेश और आज का समाज

स्वदेशी अपनाने का संकल्प

एकजुटता में है देश की शक्ति

गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विजयादशमी पर गोरक्षपीठाधीश्वर रामलीला समारोह में समाज को एकजुट रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अतीत में रामायण और महाभारत के खल पात्र आज भी नए रूप में समाज को विभाजित करने का प्रयास करते हैं। जातीयता, छुआछूत और असुरक्षा फैलाने वाले लोग इसी तरह के ‘ताड़का’, ‘दुर्योधन’ और ‘दुशासन’ हैं, जिनसे सतर्क रहने की आवश्यकता है।

योगी ने विजयादशमी को रावण पर धर्म की जीत का प्रतीक बताया और कहा कि रामराज्य हर युग में सत्य और न्याय का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि श्रद्धा विपरीत परिस्थितियों में नई ऊर्जा देती है और सनातन धर्म का मूल यही है।

मुख्यमंत्री ने स्वदेशी अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि इससे देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और विदेशी निवेशों के नकारात्मक प्रभावों से बचाव होगा। उन्होंने कहा कि स्वदेशी का अर्थ है अपने कारीगरों और श्रमिकों को सम्मान देना।

योगी आदित्यनाथ ने एकजुट रहने का संदेश देते हुए कहा कि यदि समाज एकजुट रहेगा तो कोई भी ताकत इसे नहीं तोड़ सकती। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंच प्रणों से जुड़ने और 2047 तक विकसित भारत बनाने का आह्वान किया। उन्होंने 11 वर्षों में देश और प्रदेश की प्रगति को सराहा और कहा कि आज उत्तर प्रदेश विकास का मार्ग प्रशस्त कर रहा है।

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